Voice Of News 24
05 Oct 2024 22:23 PM
सिद्धार्थनगर
अखिल भारतीय प्रधान संगठन द्वारा प्रधान चंद्रमणि यादव के नेतृत्व में पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम यादव ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

अखिल भारतीय प्रधान संगठन द्वारा रमाबाई अम्बेडकर मैदान में 28 अक्टूबर 2021 को 40,000 से अधिक प्रधानों की महारैली के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा गया था, जिसके पश्चात 15 दिसम्बर 2021 को प्रदेशभर के प्रधानों को डिफेंस एक्सपो मैदान लखनऊ में बुलाकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा निम्नलिखित घोषणाएं की गयी थी, जिन पर अमल करना तो दूर ग्राम पंचायतों को प्रयोगशाला बनाते हुए नित नए-नए शासनादेश जारी कर विकास कार्यों में अवरोध पैदा करके न केवल बजट कम किया जा रहा है बल्कि मनरेगा को समाप्त करने की साजिश भी रची जा रही है।
इससे तीसरी सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। अतः ग्राम पंचायतों के निर्वाध विकास के लिए मांग-पत्र का मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया।
लोकहित में अखिल भारतीय प्रधान संगठन की निम्नलिखित मांगो पर अमल किया जाना आवश्यक है-
1- सहायक सचिव कम डाटा एंट्री ऑपरेटर, शौचालय केयरटेकर एवं प्रधान के मानदेय की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा अलग से करने का वादा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया।
2- रजिस्टर्ड डिप्लोमा होल्डर अथवा जनपद में नियुक्त किसी भी तकनीकी सहायक से स्टीमेट बनवाने की छूट का प्राविधान करने
3- जिले के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों की सहभागिता में पंचायतों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जनपद स्तर पर माह में एक बार उक्त जनपद के जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पंचायत दिवस मनाये जाने का वादा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया ।
4- जिला योजना समिति में प्रधानों को प्रतिनिधित्व देने का वादा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, जिस पर आज तक भी नहीं किया गया आमल।


5- मनरेगा द्वारा संपादित कार्यों का भुगतान 15 वा वित्तआयोग के धन से होने वाले भुगतान की तरह प्रधान और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम स्तर पर ही किए जाने के प्राविधान का वादा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया।
इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय प्रधान संगठन की निम्नलिखित मांगो को भी उत्तर प्रदेश में लागू किया जाना जनहित मे आवश्यक है।
जनता द्वारा निर्वाचित प्रधानों को अकारण भ्रष्ट समझकर संदेह करने व परेशान एवं हतोत्साहित करने के लिए मनरेगा योजना में कार्यस्थल पर ही NMMS ऐप के माध्यम से दिन में दो बार उपस्थिति प्रमाणितन पाना अनिवार्य किया गया है, जबकि अधिकांश ग्रामों में नेटवर्क की समस्या के कारण NMMS App के माध्यम से मजदूरी माणित करना अनिवार्य नहीं ही हो पा रही है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 5, 2024

















