Voice Of News 24
01Jan 2024 20:07 PM
महराजगंज जिले में ग्राम पंचायतों में खूब भ्रष्टाचार की नदियां उफान पर है जिसमें गरीबों का हक और गाँव के विकास के साथ-साथ सरकारी योजनाएं डूब जा रही है,देखिये पूरी खास रिपोर्ट…
महराजगंज,लक्ष्मीपुर
महराजगंज जिले में इस वक्त आप जहाँ भी जाइयेगा वहाँ ग्राम पंचायतों में आप प्रधानों की शिकायत लूट खसोट की पाइयेगा।एक ऐसे ही मामले की तह तक जाकर हमारे विशेष संवाददाता वसिउल्लाह ने उसकी तहकीकात की और ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की धनउगाही की पोल खोल कर रख दी।मामला है जिले के सबसे चर्चित और विवादित ब्लॉक लक्ष्मीपुर के वनटांगिया ग्राम सभा अचलगढ़ का जहाँ के लोग अभी भी वनों में पक्के मकान की उम्मीदों के सहारे जी रहें हैं और सरकारी योजनाओं की आस लगाए बैठे हैं।लेकिन यहाँ तो माजरा ही कुछ और निकला सरकारी लाभ का हिस्सा तो कागजों में आ गया लेकिन जमीनी हकीकत में दाल में काला पड़ गया।प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों को उनके हक के पैसे आधे अधूरे ही मिले और बाकी का धन ग्राम प्रधान या फिर बड़े अफसर डकार गए ऐसा ग्रामीणों और लाभार्थियों का आरोप है।आरोप की कड़ी यहीं तक नही खत्म हुई,शौचालय में भी पूरा पैसा डकार जाने का आरोप लगाते हुए गरीबों ने अपना दर्द बयां किया।

जिले का एक विवादित और चर्चित बैंक भी भ्रष्टाचार की जद में,इसी बैंक में सरकारी पैसों पर प्रधानों का चलता है सिक्का
अचलगढ़ के ग्रामीणों ने बताया कि जिले का एक रसूखदार बैंक है जहाँ ब्लॉक स्तर के सभी पैसों की निकासी उसी के दहलीज पर की जाती हैं और ग्राम प्रधान जिसका भी पासबुक लेकर जाता है बैंक वाले उसे पैसा देने से थोड़ा भी हिचक नहीं करते और खाताधारकों की मर्जी की भी जरूरत भी नहीं पड़ती।अब यह बैंक का रसूख है या फिर बड़े अफडरो को बैंक से मिलने वाला धन का सुख है ये तो अगर मामले के जड़ को खोदा जाता है तो पता चल जाएगा कि इस भ्रष्टाचार के पेड़ की छाया में कौन -कौन बसर करता है।
फिलहाल लक्ष्मीपुर के BDO से जब इस मामले में जानकारी लेने की कोशिश फोन के जरिये की गई तो BDO साहब को ऐसी किसी बात की भनक नही है, अगर ऐसा कुछ होता है तो कार्यवाही की जाएगी,ऐसा कहते हुए साहब ने फोन काट दिया।

कहीं बड़े अफसर भी तो नही इस गोलमाल की करतूत में,राम भरोसे अटकी हुई है ग्रामीणों को आस
ग्रामीणों का कहना है कि हमने बड़े अफसरों से इस बात की शिकायत भी की गई लेकिन इसका कोई खामियाजा नही निकला।अब ऐसा कहना लाजमी है आरोपों के मुताबिक कि कहीं किसी बड़े अफसर की गर्दन इस फंदे में तो नही लटकी हुई है नही तो एक ग्राम प्रधान का इतना रसूख और मजाल कहाँ कि अकेले के दम पर इतना बड़ा गोलमाल कर दे।फिलहाल जांच के बाद ही ये नजरबंदी की रुख से पर्दा उठेगा।













