जौनपुर

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में शनिवार को शाहगंज कोतवाली परिसर में आयोजित ‘समाधान दिवस’ में लेखपाल बांह पर काली पट्टी बांधकर शामिल हुए। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में शनिवार को शाहगंज कोतवाली परिसर में आयोजित ‘समाधान दिवस’ में लेखपाल बांह पर काली पट्टी बांधकर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपनी मांगों के प्रति शासन और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
प्रमुख समस्याओं और लंबित मांगों पर जताई नाराजगी
लेखपाल संघ का कहना है कि राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होने के बावजूद उन्हें लगातार बढ़ते कार्यभार, बुनियादी संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी और वेतन विसंगतियों जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
अंतरमंडलीय स्थानांतरण: शासनादेश के बावजूद वर्ष 2019 से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे करीब 2700 लेखपालों को राहत मिले जो गृह मंडल से 400 से 800 किमी दूर तैनात हैं।
पदोन्नति और भत्ते: वर्ष 2025-26 की डीपीसी पूरी होने के बाद भी रुकी पदोन्नति सूची जारी की जाए तथा स्टेशनरी, नियत यात्रा व विशेष भत्तों में वृद्धि की जाए।
वेतनमान व सुविधाएं: प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे निर्धारित करने और ग्राम सचिवालयों में इंटरनेट, कंप्यूटर व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
मांगें न पूरी होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए संघ ने पंचायत सचिवालय रोस्टर के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर से उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
सिद्धार्थनगर पुलिस में शोक की लहर, उपनिरीक्षक मान सिंह का इलाज के दौरान निधन
https://t.co/6qjgZnmvu3
— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 10, 2026












