सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने नगर पालिका क्षेत्र स्थित काशीराम आवास योजना के दावों की पोल खोलकर रख दी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने नगर पालिका क्षेत्र स्थित काशीराम आवास योजना के दावों की पोल खोलकर रख दी है। रखरखाव के अभाव में यहाँ की इमारतें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जो अब यहाँ रह रहे सैकड़ों परिवारों के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं हैं। भवनों की बदहाली और छतों से गिर रहे प्लास्टर के कारण स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है।
छतों का गिर रहा प्लास्टर, दीवारों में आईं गहरी दरारें
स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश की वजह से काशीराम आवास के कई ब्लॉकों की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है। इमारतों की छतों से कंक्रीट और प्लास्टर टूट-टूट कर गिर रहे हैं, जिससे कई लोग बाल-बाल बचे हैं। यही नहीं, भवनों की मुख्य दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं और कुछ हिस्सों में जमीन धंसने (धंसाव) की घटनाएं भी सामने आई हैं। सीलन और जर्जर हो चुके पिलर्स के कारण पूरी इमारत के जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे लोग रात भर भय के साये में जागने को मजबूर हैं।
अधिकारियों के करीब होकर भी बुनियादी सुविधाओं से दूर
लगातार हो रही बारिश के कारण कॉलोनी परिसर में भारी जलभराव हो गया है। जल निकासी की कोई मुकम्मल व्यवस्था न होने से चारों तरफ कीचड़ और बजबजाता पानी जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
आवास विकास कॉलोनी के लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी आवास यहाँ से कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और नगर पालिका प्रशासन का ध्यान इस बदहाली की तरफ नहीं जाता। हम कई बार लिखित और मौखिक रूप से मरम्मत और नाली निर्माण की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
स्थानीय निवासियों ने की तत्काल निरीक्षण और मरम्मत की मांग
मानसून के शुरुआती दौर में ही जब यह स्थिति है, तो आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए काशीराम आवास के निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वे तत्काल मौके का औचक निरीक्षण करें। जर्जर हो चुके ब्लॉकों की आवश्यक तकनीकी मरम्मत कराई जाए और परिसर से जल निकासी के लिए स्थायी नाली निर्माण की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी संभावित बड़ी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 18, 2026












