डिबाई/नरौरा
बुलन्दशहर जनपद में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते डिबाई स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल राजघाट गंगा घाट पर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलन्दशहर जनपद में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते डिबाई स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल राजघाट गंगा घाट पर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का बहाव अत्यंत तेज हो गया है, जिससे घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
नरौरा बैराज से छोड़ा गया 68,957 क्यूसेक पानी, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
बाढ़ नियंत्रण कक्ष और पुलिस प्रशासन द्वारा शनिवार (11 जुलाई, 2026) को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुलंदशहर के नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से आज सुबह 10 बजे 68,957 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम की तरफ डिस्चार्ज (छोड़ा) किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज क्षेत्र में 110 मिमी की भारी बारिश भी दर्ज की गई है, जिससे जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल आशंका बनी हुई है। बैराज पर गंगा का वर्तमान जलस्तर 177.65 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहाँ खतरे का जलस्तर 178.765 मीटर (यानी 2,50,000 क्यूसेक पानी) निर्धारित है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन बढ़ते बहाव को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।
दुकानें हटाने के निर्देश, नाविकों और मछुआरों पर रोक
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गंगा घाट और तटीय इलाकों में मुनादी कराकर सभी दुकानदारों को तत्काल अलर्ट जारी किया है। किसी भी अप्रिय जनहानि या आर्थिक नुकसान से बचने के लिए दुकानदारों से अपनी दुकानें तुरंत हटाकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अपील की गई है।
इसके साथ ही, बाढ़ के खतरे के मद्देनजर मछुआरों और नाविकों को भी अगले आदेश तक नदी के गहरे प्रवाह में प्रवेश न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइन, घाटों पर पहरा
पवित्र स्नान के लिए राजघाट पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने और केवल सुरक्षित चेनों के दायरे में रहकर ही स्नान करने को कहा जा रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस और गोताखोरों की टीमों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसान खुश, लेकिन आम जनमानस को सावधानी की सलाह
नदी का जलस्तर बढ़ने को लेकर तटीय क्षेत्र के किसानों का मानना है कि खादर इलाकों में गंगा का पानी आना खेती और आगामी फसलों के लिए एक शुभ संकेत है, क्योंकि इससे खेतों को नई उपजाऊ मिट्टी मिलती है। हालांकि, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी घाट पर आने-जाने वाले लोगों और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।
बुलन्दशहर जनपद के ऐतिहासिक कस्बा अनूपशहर में इन दिनों प्रतिबंधित और अवैध मिट्टी खनन का काला धंधा पूरी रफ्तार से फल-फूल रहा है। क्षेत्र में मिट्टी चोरों का बोलबाला इस कदर बढ़ चुका है कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही खाकी का खौफ। pic.twitter.com/YSj9aaWy0c
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 11, 2026












