हापुड़
हापुड़ जनपद में किसानों के हक के नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी और उसके औद्योगिक दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

हापुड़ जनपद में किसानों के हक के नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी और उसके औद्योगिक दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिला कृषि विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ततारपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सरकारी यूरिया बरामद की है। टीम ने मौके से 25 बैग अनुदानित नीम कोटेड यूरिया जब्त करते हुए, यूरिया की सप्लाई में इस्तेमाल हो रहे वाहन को भी सीज कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के कालाबाजारी सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
वाहन का पीछा कर फैक्ट्री में रंगे हाथों पकड़ा
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि गुरुवार शाम लगभग 6 बजे उन्हें बेहद पुख्ता सूचना मिली थी कि एक कमर्शियल वाहन में सरकारी अनुदान वाली नीम कोटेड यूरिया भरकर ततारपुर औद्योगिक क्षेत्र की ओर ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की विशेष टीम ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया। वाहन जैसे ही चिन्हित प्लाईवुड फैक्ट्री के परिसर में पहुंचा, टीम ने धावा बोल दिया। जांच के दौरान मौके पर वाहन से यूरिया के बैग उतारे जा रहे थे, जिन्हें टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
प्रशासनिक अमले ने मौके पर संभाली कमान
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी की कार्रवाई के दौरान मौके पर नायब तहसीलदार हापुड़ श्वेता छापड़िया, जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश, प्रधान सहायक संजय कर्दम, वरिष्ठ सहायक संदीप भाटी और मेराज हसन सहित विभाग के अन्य कर्मचारी और वाहन चालक नरेश मौजूद रहे। अधिकारियों ने विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए यूरिया के पूरे अवैध स्टॉक और संबंधित वाहन को तत्काल प्रभाव से अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7) के तहत मुकदमा दर्ज
जिला कृषि अधिकारी ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि किसानों के लिए सरकार द्वारा भारी सब्सिडी (अनुदान) पर दी जाने वाली नीम कोटेड यूरिया का किसी भी प्रकार का औद्योगिक उपयोग पूरी तरह से अवैध है। यह कृत्य उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 (FCO-1985) के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत एक बेहद गंभीर व दंडनीय अपराध है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस अवैध कारोबार और नियमों के उल्लंघन को लेकर संबंधित प्लाईवुड फैक्ट्री के मालिक और प्रबंधन के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है और आगे की कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 9, 2026












