महराजगंज के लाल का कमाल: कारगिल से ‘नमिका ला’ फतह; 3,700 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा शुभम पटेल का साइकिल अभियान 73 दिनों में 3,201 किलोमीटर का सफर पूरा विश्व रिकॉर्ड बनाने से महज कुछ कदम दूर

महराजगंज

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के करौता गांव निवासी और माउंट ऐवरेस्ट विजेता शुभम पटेल ने अपने लेह-लद्दाख साइकिल अभियान के तहत एक और ऐतिहासिक और अदम्य उपलब्धि हासिल की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के करौता गांव निवासी और माउंट ऐवरेस्ट विजेता शुभम पटेल ने अपने लेह-लद्दाख साइकिल अभियान के तहत एक और ऐतिहासिक और अदम्य उपलब्धि हासिल की है। विश्व रिकॉर्ड बनाने के इरादे से निकले शुभम ने 8 जुलाई 2026 की रात 8:31 बजे कारगिल से लगभग 51 किलोमीटर की बेहद कठिन और खतरनाक पर्वतीय चढ़ाई को अपनी साइकिल से महज 4 घंटे 26 मिनट में पूरा कर लिया। उन्होंने नमिका ला की 3,700 मीटर (12,198 फीट) की दुर्गम ऊंचाई पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की है।

जोजिला के बाद ‘नमिका ला’ भी पार, निर्णायक चरण में अभियान

शुभम पटेल के इस साहसिक अभियान का यह दूसरा सबसे बड़ा और खतरनाक ‘हाई माउंटेन पास’ है। इससे पहले वे कड़ाके की ठंड और कम ऑक्सीजन के बीच जोजिला पास की 3,528 मीटर (11,575 फीट) की ऊंचाई भी अपनी साइकिल से नाप चुके हैं। लगातार हड्डियों को जमा देने वाली ठंड और कठिन पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों को मात देते हुए शुभम का यह अभियान अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।

73वां दिन, 3,201 किलोमीटर की दूरी और तिरंगे का संकल्प
अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए शुभम पटेल ने बताया कि

मेरी इस यात्रा का आज 73वां दिन है और अब तक मैं साइकिल के जरिए 3,201 किलोमीटर का लंबा और चुनौतीपूर्ण सफर तय कर चुका हूँ। हर दिन नए रास्तों और पहाड़ों की ऊंचाई मेरा इम्तिहान ले रही हैं, लेकिन हौसला अडिग है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो अगले 7 से 8 दिनों के भीतर मेरा लक्ष्य 19,400 फीट की सर्वोच्च ऊंचाई पर भारत का तिरंगा फहराकर एक नया ‘विश्व रिकॉर्ड’ स्थापित करना है।

विश्व रिकॉर्ड के साथ दे रहे हैं पर्यावरण संरक्षण का संदेश

शुभम ने साफ किया कि उनका यह अभियान केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं है। इस यात्रा के जरिए वे देश भर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता फैला रहे हैं। उनका संदेश है कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए हर नागरिक को प्रकृति को बचाने और पर्यावरण संवर्धन के लिए आगे आना होगा।

वीर शहीदों को समर्पित होगा यह विश्व रिकॉर्ड
देशभक्ति के जज्बे से लबरेज शुभम ने भावुक होते हुए कहा कि:

अगर मेरा यह विश्व रिकॉर्ड सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो मैं अपनी इस महाविजय को भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले देश के सभी वीर सैनिकों और अमर शहीदों को समर्पित करूँगा। देश के वीर सपूतों का त्याग और बलिदान ही मुझे इस कठिन रास्ते पर आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।

इस बड़ी उपलब्धि के बाद महराजगंज जनपद सहित पूरे उत्तर प्रदेश के खेल और साहसिक जगत में हर्ष का माहौल है और सभी लोग शुभम के विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए दुआएं कर रहे हैं।

Voice Of News 24

 

 

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