बुलंदशहर
बुलंदशहर जिला के दानपुर क्षेत्र में इन दिनों धान की रोपाई का काम जोरों पर है, लेकिन सिंचाई के लिए माइनर में पानी न आने के कारण किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पानी के अभाव में धान की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय किसानों में सिंचाई विभाग के खिलाफ भारी असंतोष है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार हुई भारी देरी
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष माइनर में 26 जून को ही पानी छोड़ दिया गया था, जिससे समय पर रोपाई हो सकी थी। लेकिन इस बार 6 जुलाई की तारीख बीत जाने के बाद भी माइनर पूरी तरह सूखी पड़ी है। पानी न मिलने से किसानों की परेशानी दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
क्या कहते हैं स्थानीय किसान?
दानपुर गांव के किसान ओमप्रकाश, सुशील कुमार, यतीश पाल, कौशल कुमार, लोकेश कुमार, राजकुमार और जयप्रकाश आदि ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धान की फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। अगर माइनर में जल्द से जल्द पानी नहीं आया, तो धान की पौध पूरी तरह बेकार हो जाएगी। इससे न सिर्फ फसल की पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि किसानों को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा।
सिंचाई विभाग का आश्वासन: 12 जुलाई तक मिलेगा पानी
इस पूरे मामले पर सिंचाई विभाग के खंड 12 के अधिशासी अभियंता मनोज राव ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि विभाग किसानों की समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
ऊपरी स्तर पर भेजी गई डिमांड: अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग की तरफ से पीछे पानी की डिमांड भेजी जा चुकी है। ऊपर से पानी न मिलने के कारण ही माइनर में अभी तक आपूर्ति नहीं हो पाई है।
12 जुलाई तक राहत की उम्मीद: उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि 12 जुलाई के आसपास किसानों को माइनर में पानी मिलना शुरू हो जाएगा। विभाग का प्रयास है कि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिले ताकि उनकी धान की फसल को बचाया जा सके। 12 जुलाई के बाद सिंचाई की यह समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी।












