लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच निघासन क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं ने अपने हक और हिसाब के लिए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पिछले एक दशक से समूहों में चुनाव न होने और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आक्रोशित महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
“लोकतंत्र पर ताला, 10 साल से चुनाव ठप”
धरने पर बैठी महिलाओं का सबसे बड़ा आरोप है कि समूहों में पिछले लगभग 10 वर्षों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। पदाधिकारियों का कार्यकाल काफी पहले समाप्त हो चुका है, लेकिन नए सिरे से चुनाव कराकर समूहों को पुनर्गठित नहीं किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि चुनाव न होने के कारण उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है और मनमाने ढंग से व्यवस्था चलाई जा रही है।
करोड़ों के घोटाले का आरोप
चुनाव न होने के साथ ही महिलाओं ने वित्तीय हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं, बैंक लोन और समूह की बचत के नाम पर कागजों में तो लाखों का लेनदेन दिखाया गया, लेकिन जमीन पर इसका कोई लाभ नहीं मिला। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर लोन निकालकर बंदरबांट किया गया और हिसाब मांगने पर उन्हें धमकाया जाता है।
अल्टीमेटम: आक्रोशित महिलाओं ने एसडीएम निघासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि 10 साल बर्दाश्त करने के बाद अब वे चुप नहीं बैठेंगी; यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। इस संबंध में एसडीएम निघासन से पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार प्रकाशन तक उनका आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका। फिलहाल, महिलाओं द्वारा लगाए गए करोड़ों के घोटाले के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बा
की है।













