सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर: विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु के सनई में ‘वन महोत्सव-2026’ के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया।

इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आम भण्डारा एवं आम बहार कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसके तहत उपस्थित नागरिकों को घरों में रोपने के लिए आम के पौधे वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने की। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अफसरों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पौधरोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प: जगदम्बिका पाल
मुख्य अतिथि सांसद जगदम्बिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल वृक्ष लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
ग्लोबल वार्मिंग से बचाव: उन्होंने कहा कि 1 से 7 जुलाई तक चल रहे इस अभियान को जन आन्दोलन बनाना होगा, ताकि मानसून का संतुलन बना रहे और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
स्वच्छ जीवन का आधार: पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण अब एक जन आंदोलन बन चुका है। वृक्ष ही हमें स्वच्छ वायु, जल और स्वस्थ जीवन देते हैं, इसलिए हर नागरिक को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
प्रकृति के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी: दीपक मौर्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगठन के सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें जीवित रखने के लिए प्रेरित करें।
पौधरोपण का संकल्प: कार्यक्रम में आए प्रत्येक परिवार को आम का पौधा सौंपकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया।
ये रहे उपस्थित
इस वृहद वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रभागीय वनाधिकारी नीला एम, एसडीओ मीना तिवारी, भाजपा जिला महामंत्री फतेह बहादुर सिंह, रामनारायण, राजेन्द्र पाण्डेय, रणजीत सिंह, रमेश मणि, अनुराग श्रीवास्तव, मण्डल अध्यक्ष राजेश दुबे, आशीष दुबे, कुंवर विक्रम सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।












