जौनपुर
जौनपुर शिया समुदाय द्वारा कर्बला के शहीदों की याद में मुहर्रम के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 4 मुहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस बेहद अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर शिया समुदाय द्वारा कर्बला के शहीदों की याद में मुहर्रम के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 4 मुहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस बेहद अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। यह पारंपरिक जुलूस मोहल्ला मखदूम शाह अढ़न से ठीक शाम 7:30 बजे शुरू हुआ।
जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग टिकली मोहल्ला से होते हुए और कालू इमामबाड़ा के रास्ते आगे बढ़ा। इस ऐतिहासिक अजादारी के जुलूस में शहर जौनपुर की सभी अंजुमनों ने हिस्सा लिया। अंजुमनों के लोग नौहाख्वानी और सीनाज़नी (मातम) करते हुए ताड़तला स्थित अदली प्रेस के इमामबाड़े पहुंचे। यहां मौला इमाम हुसैन के वफादार घोड़े ‘जुलजनाह’ और जनाबे अली असगर के ‘ताबूत’ (प्रतीकात्मक जनाजा) की जियारत कराई गई, जिसे देख अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद मजलिस को संबोधित करते हुए जाकिर ने कर्बला के ऐतिहासिक संदर्भों पर रौशनी डाली। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन अत्याचारी यजीद ने मौला इमाम हुसैन के खेमों (तंबुओं) को नहर-ए-फुरात के किनारे से हटाने का क्रूर आदेश दिया था। साथ ही यह भी जिक्र किया गया कि कर्बला की ऐतिहासिक घटनाओं के अनुसार, इसी शुरुआती दौर में इमाम हुसैन ने उस पाक जमीन को खरीदा था ताकि उनका परिवार और साथी वहां ठहर सकें।
परंपरा के अनुसार, जौनपुर में इस भव्य जुलूस का मुख्य केंद्र शहर का इमाम चौक (आलम खान) रहा, जहां से अजादारी का यह कारवां आगे बढ़ा और अदली प्रेस पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जुलूस के दौरान सदर कोतवाली के प्रभारी (कोतवाल मैडम) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के व्यापक कवरेज के लिए मीडिया टीम भी मुस्तैद दिखी, जिसमें वॉयस ऑफ न्यूज 24 के ब्यूरोचीफ तारिक अली खान सहित इशरत हुसैन, त्रिभुवन नाथ और मनोज सोनकर आदि पत्रकारों ने मौके पर रहकर रिपोर्टिंग की।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 20, 2026












