निघासन: गौ रक्षकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, ‘गौ माता’ को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उठाई मांग

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत सोमवार को भारी संख्या में गौ रक्षक तहसील परिसर निघासन पहुँचे।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत सोमवार को भारी संख्या में गौ रक्षक तहसील परिसर निघासन पहुँचे। कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और देश में गौ संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने की अपील की।

केसरी रंग में रंगे नजर आए गौ रक्षक

सोमवार दोपहर गौ रक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल नारंगी टोपी और गमछा पहनकर तहसील कार्यालय पहुँचा। हाथों में बैनर और मांग पत्र लिए कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। बैनर पर अभियान से जुड़ने के लिए एक विशेष मिस्ड कॉल नंबर भी जारी किया गया था।

प्रमुख मांगें: राष्ट्र माता का दर्जा और पूर्ण प्रतिबंध

उपजिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में गौ रक्षकों ने मुख मांगें रखीं:

राष्ट्र माता का सम्मान: गौ माता को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए।

गोहत्या पर रोक: संपूर्ण भारत में गोहत्या पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।

केंद्रीय सेवा में शामिल हो गौ सेवा: गौ सेवा और उनके संरक्षण के कार्यों को ‘केंद्रीय सेवा’ का हिस्सा बनाया जाए।

गौ सम्मान दिवस: 27 अप्रैल की तिथि को आधिकारिक रूप से ‘गौ सम्मान दिवस’ घोषित किया जाए।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपजिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहे, जहाँ गौ रक्षकों ने अपनी मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई करने और उन्हें शासन तक पहुँचाने का अनुरोध किया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण देश की सांस्कृतिक और आर्थिक मजबूती का आधार है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में गौ रक्षक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। तहसील प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मांगों को उच्चाधिकारियों तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया है।

 

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