बलरामपुर: मानव तस्करी और बाल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की बड़ी कार्यशाला सम्पन्नएएचटीयू AHTU और विशेष किशोर पुलिस इकाई SJPU की समन्वय गोष्ठी में बनी सुरक्षा की रणनीति

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से आज पुलिस कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से आज पुलिस कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक व नोडल अधिकारी विशाल पाण्डेय ने की।

इन गंभीर मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने कई संवेदनशील विषयों पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए:

मानव तस्करी एवं अनैतिक देह व्यापार: तस्करी रोकने हेतु सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना।

बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति: बच्चों को इन कुरीतियों से मुक्त कराकर मुख्यधारा से जोड़ना।

पॉक्सो एक्ट: महिलाओं एवं बाल उत्पीड़न से जुड़े मामलों की त्वरित और निष्पक्ष विवेचना।

नशे के विरुद्ध अभियान: युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए सख्ती बरतना।

विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय पर जोर

एएसपी विशाल पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और बाल अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों का एक साथ आना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को माननीय न्यायालयों द्वारा समय-समय पर पारित निर्णयों और शासनादेशों का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश दिए।

बैठक में इन दिग्गजों की रही उपस्थिति
इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, किशोर न्याय बोर्ड और कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

एसीएमओ अनिल कुमार चौधरी।

किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य संतोष कुमार गुप्ता और CWC से श्रीमती कविता त्रिपाठी।

SSB और RPF के वरिष्ठ अधिकारी।

महिला कल्याण विभाग, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और विभिन्न एनजीओ (जैसे देहात इंडिया, रोजा संस्थान) के प्रतिनिधि।

जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारी।

निष्कर्ष
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है ताकि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने में कोई देरी न हो और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

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