बागपत में गैस संकट से स्ट्रीट फूड कारोबार बेपटरी, कोयले की भट्टी और चूल्हों का सहारा ले रहे व्यापारी

बागपत

बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र में रसोई गैस की सीमित उपलब्धता और आपूर्ति में हो रही देरी ने छोटे व्यापारियों और होटल संचालकों की कमर तोड़ दी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ न्यूज़ 24 की ख़ास रिपोर्ट।

बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र में रसोई गैस की सीमित उपलब्धता और आपूर्ति में हो रही देरी ने छोटे व्यापारियों और होटल संचालकों की कमर तोड़ दी है। गैस सिलेंडरों के लिए लंबी प्रतीक्षा और बढ़ती लागत के कारण अब दुकानदार पारंपरिक ईंधन जैसे कोयला और लकड़ी के चूल्हों की ओर रुख करने को मजबूर हैं।

व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट

स्थानीय दुकानदार पिंकू, सुनील जैन, रमेश पकौड़ी वाला और धारे समोसे वाले सहित कई व्यापारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें कई दिनों तक अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ीं। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। अब गुजर-बसर करने के लिए वे भीषण गर्मी के बावजूद कोयले की भट्टी पर समोसे, ब्रेड पकौड़ा और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे हैं, जो काफी चुनौतीपूर्ण है।

लागत बढ़ने से बढ़ी महंगाई

व्यापारियों का कहना है कि ईंधन के वैकल्पिक माध्यमों और गैस की किल्लत के चलते तैयार माल की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों के दामों पर पड़ रहा है। आपूर्ति में तकनीकी बाधाओं और समय पर सिलेंडर न मिलने से छोटे ठेला संचालकों में भारी रोष है।

प्रशासन का दावा: स्थिति में सुधार

वहीं दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष कुछ अलग है। बड़ौत की एसडीएम भावना सिंह ने बताया कि पूर्व में कुछ समस्याएं जरूर थीं, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ओटीपी (OTP) सही समय पर आ रहा है और गैस वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि गैस एजेंसियों के साथ समन्वय कर वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है।

 

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