बलरामपुर
बलरामपुर जनपद के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में, रात के अंधेरे में एक खेत में बैठा तेंदुआ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। कार की हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही तेंदुए की मौजूदगी स्पष्ट हुई, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है।
एक वर्ष से 50 गाँवों में तेंदुए की दस्तक
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक साल से क्षेत्र के लगभग पचास गाँवों में तेंदुए की लगातार मौजूदगी बनी हुई है। यह हिंसक जीव अब तक कई बार आबादी वाले इलाकों में घुसकर इंसानों और मवेशियों को अपना निशाना बना चुका है। पूर्व में हुई घटनाओं पर नजर डालें तो:
मवेशियों पर हमला: ग्राम टिकुईया, रतनपुर, धोबहा, बेनीनगर, भोनूराय कुट्टी और नेब्बुलडीह में गाय, भैंस, बछिया और पालतू कुत्तों को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है।
इंसानों पर हमला: चिवटिहवा में एक युवक और बाड़ी बिजुलिया में ग्राम चौकीदार पर भी जानलेवा हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीण रणजीत पाठक, सर्वजीत चौधरी, मोहम्मद सलीम, मतीउल्ला, महेंद्र चौधरी और मोहम्मद अकरम ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे कई बार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग कर चुके हैं। आरोप है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
तेंदुए के लगातार हमलों से बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अंधेरा होते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब तेंदुए को रेस्क्यू करने की मांग की है ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
महराजगंज सोशल मीडिया पर फेमस होने का खुमार अब उम्र की सीमाएं लांघ चुका है। जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र में युवाओं के साथ-साथ अब बुजुर्गों में भी खतरनाक स्टंट कर रील बनाने का जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है।@Uppolice @maharajganjpol pic.twitter.com/REJjEmpBGe
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 6, 2026























