महराजगंज: नौतनवां के करैला अजगरहा में आग का तांडव, 70 एकड़ फसल राख

नौतनवां

महराजगंज जनपद के नौतनवां तहसील अंतर्गत ग्राम सभा करैला अजगरहा में शुक्रवार सुबह आग ने ऐसा भयावह रूप अख्तियार किया कि देखते ही देखते दर्जनों किसानों की साल भर की मेहनत और उनके सुनहरे सपने राख के ढेर में तब्दील हो गए।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के नौतनवां तहसील अंतर्गत ग्राम सभा करैला अजगरहा में शुक्रवार सुबह आग ने ऐसा भयावह रूप अख्तियार किया कि देखते ही देखते दर्जनों किसानों की साल भर की मेहनत और उनके सुनहरे सपने राख के ढेर में तब्दील हो गए। करीब 10:30 बजे लगी इस भीषण आग ने लगभग 60 से 70 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल को अपनी लपटों में निगल लिया।

आसमान छूती लपटों और धुएं के गुबार के बीच खेतों में चीख-पुकार मच गई। बदहवास किसान अपनी आंखों के सामने अपनी जमा-पूंजी को जलते देख बिलख उठे। इस अग्निकांड में याकूब चौधरी (4 एकड़), सम्भावित (1 एकड़), घरहू (तीन मानी), सुधा देवी, राजकुमार लाल, जनार्दन पटेल, इंद्रमन प्रजापति, रविन्द्र, लालमन, प्रहलाद, राजेंद्र और खुर्शीद समेत दर्जनों किसानों की गाढ़ी कमाई पल भर में खाक हो गई।

विपदा की इस घड़ी में सरकारी तंत्र और दमकल विभाग की सुस्ती को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय खुद मोर्चा संभाला और अदम्य साहस का परिचय देते हुए घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि ग्रामीण तत्परता न दिखाते, तो नुकसान का आंकड़ा और भी भयावह हो सकता था।

इस घटना ने क्षेत्र में दमकल सुविधाओं के अभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पीड़ित किसानों और स्थानीय नागरिकों ने पुरजोर मांग की है कि अड्डा बाजार में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी रिजर्व रखी जाए, ताकि भविष्य में किसी और किसान का खलिहान उजड़ने से बचाया जा सके। फिलहाल, लहलहाते खेतों की जगह सिर्फ राख का ढेर बचा है और किसानों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का अंधेरा छा गया है।

 

 

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