सिद्धार्थनगर: फर्जी जमीन घोटाले में राजस्व निरीक्षक अब्दुल गफ्फार निलंबित, जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद से बड़ी खबर सामने आरही में फर्जी भूमि विक्रय के एक गंभीर मामले में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद से बड़ी खबर सामने आरही में फर्जी भूमि विक्रय के एक गंभीर मामले में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल और वर्तमान राजस्व निरीक्षक अब्दुल गफ्फार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

यह प्रकरण सिविल लाइन्स निवासी आरती वर्मा द्वारा 15 मई 2025 को दी गई एक शिकायती प्रार्थना पत्र से शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तहसील नौगढ़ के राजस्व ग्राम तेतरी स्थित गाटा संख्या 367 (रकबा 0.0510 हेक्टेयर) की भूमि को फर्जी तरीके से बेचा गया है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट 16 अक्टूबर 2025 को प्रस्तुत की गई, जिसमें तत्कालीन लेखपाल अब्दुल गफ्फार की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार बताते चले की अब्दुल गफ्फार पर आरोप है कि उन्होंने उस भूमि को फर्जी तरीके से बिकवाने में मदद की, जो वास्तव में घनश्याम पुत्र छोटेलाल की नहीं थी। इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

प्रकरण की संजीदगी को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) बांसी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर विस्तृत आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करें ताकि विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भू-माफियाओं के साथ किसी भी स्तर पर संलिप्तता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है, जिनके विरुद्ध जल्द ही कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

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