महराजगंज
महराजगंज जनपद के शिक्षा का अधिकार अधिनियम RTE के तहत गरीब बच्चों के दाखिले में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के शिक्षा का अधिकार अधिनियम RTE के तहत गरीब बच्चों के दाखिले में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। एमएलसी प्रतिनिधि राजन विश्वकर्मा द्वारा किए जा रहे क्रमिक अनशन के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर गिरी गाज
सिसवा बीआरसी BRC में आरटीई दाखिले के नाम पर अभिभावकों से अवैध धन उगाही और उन्हें गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे थे। राजन विश्वकर्मा का आरोप था कि बीआरसी में तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी और कुछ अन्य लोग मिलीभगत कर पात्र बच्चों को उनके हक से वंचित कर रहे थे। दावा किया गया कि निजी स्कूलों में सीटों की संख्या को जानबूझकर कम बताया जा रहा था ताकि बैकडोर से सेटिंग की जा सके।
दैनिक भास्कर की खबर का असर
इस पूरे प्रकरण को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा। शनिवार देर शाम बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA रिद्धि पांडेय स्वयं बीआरसी सिसवा पहुंचीं। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित आउटसोर्सिंग कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए।
जांच कमेटी गठित, अनशन समाप्त
बीएसए रिद्धि पांडेय ने खंड शिक्षा अधिकारी BEO वंशीधर सिंह की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरटीई प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस ठोस आश्वासन के बाद एमएलसी प्रतिनिधि ने अपना अनशन समाप्त किया।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) March 7, 2026























