DDU गोरखपुर: विश्वविद्यालय में 23 असिस्टेंट प्रोफेसरों की होगी नियुक्ति,कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए कई बड़े निर्णय; विश्वविद्यालय का नाम बदलने पर भी मुहर

गोरखपुर

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के प्रशासनिक भवन में आज गुरुवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के प्रशासनिक भवन में आज गुरुवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को मजबूती देने के लिए संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति और महाविद्यालयों की संबद्धता को लेकर कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

23 असिस्टेंट प्रोफेसरों की होगी संविदा नियुक्ति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए 23 सहायक आचार्यों (असिस्टेंट प्रोफेसर) की संविदा आधारित नियुक्ति का फैसला लिया है। चयनित शिक्षकों को अधिकतम 40,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। पदों का विभागवार विवरण निम्न है:

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE): 12 पद,फार्मेसी: 05 पद,कृषि: 04 पद,बीकॉम (बैंकिंग एवं इंश्योरेंस): 02 पद

कुलपति ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की नियुक्ति प्रक्रिया से भी कार्यपरिषद को अवगत कराया. जिसकी नियुक्ति को भी पूरा किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय के लोगों में विश्वविद्यालय के नाम के लेखन में महत्वपूर्ण परिवर्तन को भी स्वीकृति प्रदान की गई. अब विश्वविद्यालय का नाम डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी के स्थान पर दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी लिखा जाएगा.

12 महाविद्यालयों को 28 पाठ्यक्रमों की स्थायी सम्बद्धता : कार्यपरिषद ने सम्बद्धता समिति के निर्णय के क्रम में 12 महाविद्यालयों को कुल 28 पाठ्यक्रमों के लिये स्थायी सम्बद्धता प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. साथ ही एक महाविद्यालय को एक वर्ष का अस्थायी विस्तार भी स्वीकृत किया गया. यह निर्णय उच्च शिक्षा के मानकों को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

 

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