महराजगंज : विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने 250 महिलाओं को बांटी सिलाई मशीन,विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से आत्मनिर्भर बन रही हैं बेटियां

महराजगंज

महराजगंज जनपद में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। नगर के एक मैरिज लॉन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को टूलकिट वितरित किए और नए प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया।

250 लाभार्थियों को मिली सिलाई मशीन; 300 युवा लेंगे ट्रेनिंग

विधायक सदर ने योजना के अंतर्गत 250 महिला लाभार्थियों को टूलकिट के रूप में सिलाई मशीनें प्रदान कीं। इसी के साथ उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम प्रशिक्षण सत्र का भी उद्घाटन किया। इस सत्र में ‘दर्जी’ और ‘हलवाई’ ट्रेड में कुल 300 युवाओं को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जाएगा।

“कागजों से निकलकर सीधे जनता तक पहुँच रही हैं योजनाएं”

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने कहा, “एक समय था जब सरकारी योजनाएं केवल फाइलों और कागजों तक सीमित रहती थीं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज हर योजना पारदर्शी तरीके से सीधे पात्रों तक पहुँच रही है। भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है।” उन्होंने आगे कहा कि सिलाई मशीन प्राप्त कर महिलाएं अब घर बैठे सम्मानजनक कमाई कर सकेंगी, जिससे वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगी बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगी।

स्वरोजगार से बदल रही है ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विधायक ने जोर देकर कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना गांव-गांव की माताओं और बेटियों को उद्यमी बना रही है। अब बेटियां रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बन रही हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 200 लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की जा चुकी है, और आज दूसरी किस्त में 250 और परिवारों को यह लाभ मिला है।

प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम का संचालन आशिष सोनी ने किया, जबकि स्वागत भाषण उपायुक्त उद्योग ने दिया। उन्होंने लाभार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे,राम दरश चौधरी (परियोजना निदेशक),प्रभाकर मणि त्रिपाठी (जिला सूचना अधिकारी),ध्यानचंद (प्रधानाचार्य केवीआईवी) कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षुओं और लाभार्थियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।

 

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