Voice Of News 24
08 Jul 2024 23:10 PM
लक्ष्मीपुर (महराजगंज)
महराजगंज जनपद के लक्ष्मीपुर वन क्षेत्रांतर्गत 24 जून के बाद सोमवार सुबह को एक और तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव। वन विभाग के अधिकारियों में मच गई सनसनीखेज। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के लक्ष्मीपुर वन क्षेत्रांतर्गत अचलगढ़ बीट के समीप सतासी घाट पर संदिग्ध अवस्था में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को मृत अवस्था में देखा। यह खबर आग की तरह फैलती हुई वन विभाग के संबंधित अधिकारियों के कानों तक जैसे ही पहुची तो तत्काल अधिकारी एक्शन में दिखने लगे। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची प्रभारी डीएफओ अर्सी मलिक ने घटनास्थल पर निरीक्षण किया और तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की आशंका जताई। बाद में वन क्षेत्राधिकारी वेदप्रकाश शर्मा, वन दरोगा अश्वनी पांडेय और अन्य वनकर्मियों समेत वहां पहुंचकर तेंदुए की शव को कब्जे में ले लिया और डीएफओ को जानकारी देते हुए वहां से तेंदुए को पोस्टमार्टम के लिए लेकर रवाना हो गए। घटनास्थल पर वन विभाग के चीफ एपी सिंह ने घटना के स्पष्टीकरण हेतु गोंडा से रवाना हो गए हैं। लेकिन घटना का स्पष्ट संकेत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पायेगा।
अब सवाल यह है कि एक महीने के अंदर दो अनमोल तेंदुए की मौत का जिम्मेदार कौन? आखिर क्या कारण है कि एक ही महिने में दो तेंदुए की मौत हो गई? और जब पहले तेंदुए की मौत हुई तो क्या वन विभाग के संबंधित अधिकारी सो रहे थे? यदि पहले तेंदुए की मौत के बाद कारण का पता लगाया गया होता तो शायद आज दूसरा तेंदुआ मृत अवस्था में नहीं मिलता। भारत में एक तरफ जहां ऐसे अपमार्जक जानवरों की कमी खल रही है, वहीं दूसरी तरफ एक ही महिने के भीतर दो तेंदुए की मौत आखिर किस परिणाम को बयां कर रहा है? सबसे बड़ा सवाल।













