बलिया

बलिया जपद के बेल्थरारोड स्थित उभांव थाना क्षेत्र के करनी गांव में 35 वर्षीय उमेश चौरसिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से चल रहा 24 घंटे का गतिरोध आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जपद के बेल्थरारोड स्थित उभांव थाना क्षेत्र के करनी गांव में 35 वर्षीय उमेश चौरसिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से चल रहा 24 घंटे का गतिरोध आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गया। आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर अड़े परिजनों ने पहले शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था, लेकिन प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद वे राजी हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश चौरसिया बुधवार को बाइक से पूजा का सामान लेकर मालीपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान बाइक पर सवार दूसरे युवक को भी चोटें आईं। परिजन तुरंत उन्हें सीएचसी सीयर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव और परिजनों में आक्रोश व्याप्त था।
परिवार की चार प्रमुख मांगें
मृतक के भाई प्रेमचंद्र चौरसिया ने एसडीएम बेल्थरारोड को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की है। परिवार ने मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं
वृद्ध मां विद्यावती देवी के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता।
आरोपियों की संपत्ति और घरों की पैमाइश कराकर उन पर बुलडोजर कार्रवाई।
सभी संलिप्त आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई।
जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करना।
प्रशासनिक मुस्तैदी और नेताओं का सहयोग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर डटे रहे। क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश यादव, उभांव प्रभारी निरीक्षक दिनेश पाठक, तहसीलदार बेल्थरारोड भोला शंकर सहित अन्य राजस्व अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष शशि चौरसिया और ग्राम प्रधान सह पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच मध्यस्थता की। अधिकारियों के साथ कई दौर की लंबी बातचीत और सभी मांगों पर उचित कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। आश्वासन मिलने के बाद उमेश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे गांव में पिछले 24 घंटे से बना तनावपूर्ण गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 17, 2026







