मऊ

मऊ जनपद के तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशनपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट दिन-ब-दिन गंभीर रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को परसिया हाहा नाला पर जलस्तर 66.36 सेंटीमीटर तक दर्ज किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जनपद के तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशनपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट दिन-ब-दिन गंभीर रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को परसिया हाहा नाला पर जलस्तर 66.36 सेंटीमीटर तक दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
दर्जनों संपर्क मार्ग जलमग्न, आवागमन पूरी तरह ठप
बाढ़ के पानी से इलाके के कई प्रमुख संपर्क मार्ग डूब गए हैं। नरहाघाट-हाटा, सुग्गी चौरी-बरहज घाट, बरहज घाट-जरलहवा और नरहाघाट-धर्मपुर टांडी सहित दर्जनों रास्ते जलभराव की चपेट में हैं। रास्तों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों का बाजार जाना और दैनिक कार्य ठप हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में आ रही है।

त्वचा रोगों का प्रकोप, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सिर उठाने लगी हैं। गंदे पानी के संपर्क में आने से ग्रामीणों में त्वचा (चर्म) रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्र में अब तक कोई पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर तत्काल जांच और दवा वितरण कराने की मांग की है।
पशु चारे की किल्लत से पशुपालक परेशान
खेतों और मैदानी इलाकों के पानी में डूबने से पशुओं के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में जल्द गिरावट नहीं आई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकराल हो सकती है। फिलहाल पूरा क्षेत्र भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 10, 2026













