जौनपुर

जौनपुर जिलेभर में बुधवार को ललही छठ हल षष्ठी का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को पड़ने वाले इस व्रत में माताओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र, निरोगी काया और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जिलेभर में बुधवार को ललही छठ हल षष्ठी का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को पड़ने वाले इस व्रत में माताओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र, निरोगी काया और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पूजा स्थलों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और हल षष्ठी माता की कथा सुनी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इसलिए इसे बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। व्रती महिलाओं ने पूजा के दौरान दही, महुआ, तिन्नी के चावल और फलाहार का प्रसाद अर्पित किया। इस व्रत में हल से जोते गए अनाज और गाय के दूध-दही का प्रयोग वर्जित रहता है; केवल भैंस के दूध, दही और घी का इस्तेमाल किया जाता है।
महिलाओं ने घर के आंगन या तालाब किनारे झरबेरी, पलाश और कांसी के पौधे लगाकर विधि-विधान से पूजन किया। साथ ही, बलराम जी के अस्त्र ‘हल-मूसल’ की पूजा कर संतान सुरक्षा का संकल्प लिया।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 2, 2026






















