सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद मची तबाही को देखते हुए सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस व ड्रेनेज खंड की टीमें नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद मची तबाही को देखते हुए सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस व ड्रेनेज खंड की टीमें नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। राहत की बात यह है कि जिले से होकर गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियां और नाले फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे बह रहे हैं।
प्रमुख नदियों का दर्ज किया गया जलस्तर
ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर की रिपोर्ट के अनुसार जिले की नदियों की स्थिति इस प्रकार है:
राप्ती नदी: बांसी बोसी पुल पर जलस्तर 82.02 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का निशान: 84.90 मीटर)। परसोहन घाट पर राप्ती का जलस्तर 89.81 मीटर पर स्थिर रहा।
बूढ़ी राप्ती: मुंहचोरवा घाट पर जलस्तर 87.02 मीटर, ककरही पुल पर 81.63 मीटर और आलमनगर में 83.60 मीटर मापा गया, जो खतरे के स्तर से नीचे है।
अन्य नदियां व नाले: कूड़ा नदी (उसका रेलवे पुल) पर 78.23 मीटर, घोघी नदी (लोटन पुल) पर 83.25 मीटर, तेलार नाला (सड्डा) पर 82.50 मीटर और जमुआर नाला (नौगढ़ पुल) पर 81.23 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।
बानगंगा बैराज: बैराज पर जलस्तर 93.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
नेपाल में भीषण बाढ़, 600 से अधिक मौतें
पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच चुकी है। बड़े पैमाने पर मलबे, क्षतिग्रस्त सड़कों और ध्वस्त पुलों के बीच राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष और प्रशासन पूरी तरह सतर्क
नेपाल में हुए भारी नुकसान और सीमावर्ती क्षेत्रों में बदलते जल प्रवाह को देखते हुए सिद्धार्थनगर प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जलस्तर की 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटा जा सके।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 29, 2026





















