जौनपुर

जौनपुर 8 रबी-उल-अव्वल को जौनपुर समेत विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक ‘चुप ताजिया’ का जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस मुहर्रम से शुरू होने वाले 68 दिनों के संपूर्ण शोक (अज़ादारी) के समापन का प्रतीक है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर 8 रबी-उल-अव्वल को जौनपुर समेत विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक ‘चुप ताजिया’ का जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस मुहर्रम से शुरू होने वाले 68 दिनों के संपूर्ण शोक (अज़ादारी) के समापन का प्रतीक है।
शिया इस्लामिक परंपरा के अनुसार, इमाम हुसैन की शहादत का गम मुहर्रम से शुरू होकर चेहलुम (20 सफर) और 8 रबी-उल-अव्वल तक यानी कुल दो महीने आठ दिन चलता है। इसी तारीख को ग्यारहवें इमाम हसन असकरी की शहादत का दिन भी माना जाता है।
इस जुलूस की मुख्य विशेषता इसका पूर्णतः मौन होना है। अज़ादार बिना सीना-पीटकर या नौहा-मातम किए खामोशी से आँख में आंसू लिए जुलूस में शामिल होते हैं। इस अंतिम जुलूस के साथ ही दो महीने आठ दिन का गम समाप्त हो जाता है और अगले दिन (9 रबी-उल-अव्वल) से काले परचम उतारकर घरों में खुशी व मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत होती है।
मऊ में साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन: ठगी के 2.92 लाख रुपये कराए वापस; ज्यादा रिटर्न का दिया गया था लालचhttps://t.co/JEW5j5lZgf
— Voice of News 24 (@VOfnews24) August 22, 2026





















