महराजगंज
जनपद महराजगंज को बाल श्रम के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद महराजगंज को बाल श्रम के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। जिलाधिकारी कक्ष में श्रम विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरे जनपद में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर बाल श्रम के समूल उन्मूलन को सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए।

31 अगस्त तक सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की होगी सघन चेकिंग
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने टास्क फोर्स में नामित सभी निरीक्षण अधिकारियों को समय-सीमा (डेडलाइन) तय करते हुए निर्देशित किया कि आगामी 31 अगस्त तक जनपद के अंतर्गत आने वाले सभी ढाबों, ईंट-भट्ठों, रेस्टोरेंट, होटलों, गैरेज-कार्यशालाओं, दुकानों तथा अन्य सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन और औचक निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थान पर कोई बालक अथवा बालिका अवैध रूप से बाल श्रमिक के रूप में कार्यरत न हो। इस अभियान को पूरी गंभीरता और नियमित निगरानी के साथ चलाने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा की बनेगी व्यवस्था
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को विशेष निर्देश दिए कि यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी बच्चा बाल श्रमिक के रूप में काम करता हुआ पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से मुक्त कराया जाए। केवल मुक्त कराना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उसके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, उन बच्चों और उनके अभिभावकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का पुनः विद्यालयों में नामांकन कराकर उनकी नियमित शिक्षा सुनिश्चित कराई जाए।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई, उपजिलाधिकारियों को वसूली के निर्देश
अभियान की गंभीरता को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने पूर्व में बाल श्रम उन्मूलन के दौरान की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों की भी बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को पूर्व में जारी की गई आरसी की समीक्षा करते हुए दोषियों से शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा, “बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है और इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या संचालक मासूम बच्चों को बाल श्रमिक के रूप में नियोजित करेगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
बैठक में यह वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी गणेश कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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