सिद्धार्थनगर
जनपद सिद्धार्थनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ और साइबर क्राइम रिकवरी लीन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है।

जनपद सिद्धार्थनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ और साइबर क्राइम रिकवरी लीन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना कठेला समयमाता की साइबर सेल टीम ने बैंक प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर एईपीएस के माध्यम से ठगी गई 50,100 रुपये की संपूर्ण धनराशि पीड़ित के खाते में सुरक्षित वापस करा दी है।
अंगूठा लगाकर पैसे निकालने के नाम पर हुआ था फ्रॉड
जानकारी के अनुसार, कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के ग्राम चेचराफ बुजुर्ग निवासी नारद पुत्र महेश यादव के साथ साइबर ठगों ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से धोखाधड़ी करते हुए उनके बैंक खाते से 50,100 रुपये पार कर दिए थे। पैसे कटने की जानकारी होने पर पीड़ित के होश उड़ गए। पीड़ित ने बिना वक्त गंवाए 17 जून 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत संख्या 23106260114974 के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस और बैंक के समन्वय से मिली सफलता
मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के पर्यवेक्षण तथा थाना कठेला समयमाता के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष साइबर टीम का गठन किया गया।
साइबर सेल टीम ने आधुनिक तकनीकी इनपुट्स और संबंधित बैंक अधिकारियों से तुरंत संपर्क साधकर ठगी गई रकम को होल्ड (लीन) कराया। पुलिस की इस तत्परता का नतीजा रहा कि 20 जुलाई 2026 को आवेदक नारद की पूरी की पूरी फ्रॉड धनराशि (50,100/- रुपये) उनके बैंक खाते में वापस आ गई। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ित ने सिद्धार्थनगर पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
अरुण कुमार (प्रभारी निरीक्षक, थाना कठेला समयमाता)
उपनिरीक्षक धर्मेंद्र प्रजापति (साइबर प्रभारी)
उपनिरीक्षक नन्हेलाल मिश्रा
आरक्षी दिलीप वर्मा (साइबर टीम)
आरक्षी देवप्रकाश (साइबर टीम)
महिला कांस्टेबल ज्योति पाण्डेय (साइबर टीम)
साइबर अलर्ट: डिजिटल दौर में एईपीएस फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि आपके साथ भी किसी तरह की ऑनलाइन या साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













