संभल
संभल जिले में सोमवार सुबह सांप काटने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, जिसने किसानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

संभल जिले में सोमवार सुबह सांप काटने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, जिसने किसानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही मामलों में किसान अपने खेतों में सिंचाई का काम कर रहे थे, तभी जहरीले सांपों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। हालांकि, समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की मुस्तैदी से दोनों किसानों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
पहली घटना रास्ते में पैर से लिपटा ढाई फीट लंबा सांप
पहला मामला संभल तहसील के थाना रायसत्ती क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मोहम्मदपुर इम्मा का है। यहाँ के निवासी उमेश चंद का 28 वर्षीय बेटा जतिन कुमार सुबह करीब 8 बजे अपने खेत में सिंचाई के लिए जा रहा था। रास्ते में अचानक एक लगभग ढाई फीट लंबा ‘पनिया’ सांप उसके पैर से लिपट गया। जतिन ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए सांप को झटक कर दूर फेंक दिया। इसके बाद जब वह खेत पर ट्रैक्टर चलाने लगा, तो अचानक उसे तेज चक्कर आने लगे और उसका पैर सुन्न होने लगा।
दूसरी घटना ईख के खेत में बिल बंद करते समय काटा
दूसरा मामला गुनौर तहसील के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव पानीबाड़ा का है। यहाँ लाखन सिंह के बेटे ब्रजपाल सिंह अपने ईख (गन्ने) की फसल की सिंचाई कर रहे थे। ब्रजपाल ने बताया कि सिंचाई के दौरान एक बिल में पानी जा रहा था, जिसे बंद करने के लिए जैसे ही उन्होंने अपने पैर से मिट्टी लगानी शुरू की, तभी बिल के अंदर मौजूद सांप ने उनके पैर में डस लिया।
पैर सुन्न होने पर परिजनों में मचा हड़कंप, अस्पताल में मिला जीवनदान
सांप के काटने के बाद दोनों ही किसानों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, उन्हें चक्कर आने लगे और पैर पूरी तरह सुन्न हो गए। दोनों ने तुरंत फोन कर अपने परिजनों को इस बात की सूचना दी, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन बिना वक्त गंवाए दोनों को तत्काल सरकारी अस्पताल लेकर भागे। ब्रजपाल को पहले स्थानीय रजपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें संभल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, जतिन को सीधे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना देरी किए दोनों किसानों को एंटी-वेनम इंजेक्शन की डोज दी। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिल जाने के कारण जहर शरीर में पूरी तरह नहीं फैल पाया और दोनों की हालत में तेजी से सुधार हुआ। फिलहाल दोनों किसानों की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













