बलिया
बलिया जनपद के रसड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को वर्षों से हो रही मूलभूत सुविधाओं की किल्लत और विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग अब तेज हो गई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के रसड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को वर्षों से हो रही मूलभूत सुविधाओं की किल्लत और विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग अब तेज हो गई है। इसी क्रम में जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण और बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सांसदों और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से जनता परेशान
सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने बताया कि रसड़ा स्टेशन की बदहाली और सुविधाओं के अभाव के संबंध में पूर्व में भी कई बार रेलवे प्रशासन, स्थानीय सांसदों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आवेदन व ज्ञापन दिए जा चुके हैं। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि आज तक किसी भी स्तर पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों की इसी बेरुखी के कारण क्षेत्र के हजारों दैनिक यात्रियों को प्रतिदिन भारी असुविधा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
गरीब नवाज एक्सप्रेस के ठहराव की उठी मांग
ज्ञापन के माध्यम से विश्वजीत जायसवाल ने प्रमुखता से मांग उठाई कि गरीब नवाज एक्सप्रेस (किशनगंज–अजमेर) इस क्षेत्र के निवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण ट्रेन है। यदि इस ट्रेन का रसड़ा रेलवे स्टेशन पर नियमानुसार ठहराव सुनिश्चित कर दिया जाए, तो पूर्वांचल के हजारों यात्रियों, विशेषकर रोजगार, व्यापार और धार्मिक यात्रा पर जाने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग अजमेर शरीफ की जियारत के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं, इसलिए जनहित में इसका ठहराव यहाँ बेहद आवश्यक है।
स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का टोटा: बेंच, रोशनी और शौचालय जर्जर
ज्ञापन में स्टेशन की अन्य दुर्दशाओं को रेखांकित करते हुए बताया गया कि
बेंचों की कमी: प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर, जहां सबसे अधिक यात्रियों का आवागमन होता है, वहां बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और सीटों का घोर अभाव है। यात्रियों को टिकट खिड़की के आसपास घंटों खड़े रहकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।
अंधेरे का साम्राज्य: स्टेशन परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) नहीं है, जिससे रात्रि के समय सुरक्षा का खतरा बना रहता है और यात्रियों को भारी दिक्कतें होती हैं।
पेयजल और शौचालय की बदहाली: प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर स्वच्छ पेयजल और आधुनिक शौचालय की समुचित व्यवस्था करने तथा प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बने पुराने व जर्जर हो चुके शौचालय के तुरंत नवीनीकरण की मांग की गई है।
प्लेटफॉर्म बदलने से बुजुर्गों और दिव्यांगों को हो रही भारी परेशानी
समाजिक कार्यकर्ता ने डीआरएम के सामने यह तकनीकी समस्या भी रखी कि वर्तमान में डाउन लाइन की अधिकांश ट्रेनें प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर रोकी जाती हैं, जबकि स्टेशन की मुख्य सुविधाएं जैसे टिकट काउंटर, मुख्य निकास आदि प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर मौजूद हैं। ऐसे में वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि या तो इनके लिए विशेष रैंप/लिफ्ट की व्यवस्था की जाए या फिर डाउन लाइन की ट्रेनों का ठहराव प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ही सुनिश्चित किया जाए।
डीआरएम ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा
वाराणसी मंडल के डीआरएम श्री आशीष जैन ने इस जनहित के ज्ञापन को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित रेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और आश्वासन दिया कि जनहित और यात्री सुविधाओं से जुड़े इन विषयों पर नियमानुसार सकारात्मक पहल कर जल्द ही राहत दी जाएगी।
बड़ा संकल्प: ज्ञापन सौंपने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य रसड़ा रेलवे स्टेशन सहित पूरे क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्हें पूरा विश्वास है कि रेलवे प्रशासन इस बार यात्रियों के दर्द को समझेगा और शीघ्र ही रसड़ा स्टेशन पर सुविधाओं का विस्तार देखने को मिलेगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 20, 2026













