बलिया: गोपालपुर टांडी को बचाने के लिए DM मंगला प्रसाद सिंह ने झोंकी ताकत, नदी की धारा मोड़ने और 3 दिन में मुआवजे का सख्त आदेश

गोपालपुर टांडी/बैरिया

बलिया जनपद में घाघरा नदी के रौद्र रूप और लगातार हो रहे कटान से बैरिया तहसील के ग्राम गोपालपुर टांडी को बचाने के लिए बलिया जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में घाघरा नदी के रौद्र रूप और लगातार हो रहे कटान से बैरिया तहसील के ग्राम गोपालपुर टांडी को बचाने के लिए बलिया जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कटान प्रभावित क्षेत्र का जमीनी निरीक्षण किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने बाढ़ खंड और राजस्व विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाई और पीड़ित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने तथा 3 दिनों के भीतर मुआवजा व भूमि पट्टा देने का ऐतिहासिक अल्टीमेटम जारी किया है।

नदी में समा चुके हैं 5 मकान, 100 मीटर के दायरे में मुड़ेगी घाघरा की मुख्य धारा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीधे कटान पीड़ितों और ग्रामीणों से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी। ग्रामीणों ने बेहद भावुक होकर बताया कि अब तक घाघरा नदी के तेज बहाव के कारण गांव के 5 आशियाने नदी में विलीन हो चुके हैं। इस पर डीएम ने मौके पर ही मौजूद बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए तकनीकी उपायों के जरिए लगभग 100 मीटर के दायरे में घाघरा नदी की मुख्य धारा को मोड़ने के निर्देश दिए। डीएम ने दो टूक कहा किसी भी कीमत पर गोपालपुर टांडी गांव को कटान से बचाया जाए।

खतरे वाले मकानों को तुरंत खाली कराने और सर्वे का आदेश

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी बैरिया को निर्देशित किया कि गांव के उन सभी मकानों का तत्काल सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया जाए, जिन पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे परिवारों को बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए। इसके साथ ही आसपास के अन्य संवेदनशील गांवों की भी लिस्ट बनाकर सुरक्षात्मक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। डीएम ने विकास खंड रेवती के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लापरवाही पर भड़के DM: 3 दिन में दें नया पट्टा, पिछले साल के पीड़ितों को भी तुरंत मिले मुआवजा

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सामने बिजली और पुराने पेंडिंग मुआवजे की शिकायत रखी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष कटान की चपेट में आए 17 प्रभावितों को अब तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने संबंधित अधिशासी अधिकारी (EO) को निर्देशित किया कि 3 दिन के भीतर सभी लंबित भुगतानों का निस्तारण किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा पीड़ितों के लिए समय-सीमा तय की

नदी में समा चुके 5 मकानों के स्वामियों को 3 दिन के भीतर आर्थिक सहायता राशि बैंक खातों में भेजी जाए।

बेघर हुए इन प्रभावित परिवारों को नया आवास बनाने के लिए 3 दिन के अंदर भूमि पट्टा आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस जनहित के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस मौके पर एसडीएम बैरिया, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता सहित राजस्व व विकास खंड के अन्य अधिकारी एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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