लोहरौली
महराजगंज जनपद से बड़ी खबर सामने आई कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद से बड़ी खबर सामने आई कहते हैं कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते। उत्तर प्रदेश पीजीटी (PGT 2026) परीक्षा के घोषित परिणामों में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले महराजगंज जनपद के मेधावी गिरिजेश चौरसिया ने इस कहावत को अक्षरशः सच साबित कर दिखाया है। गिरिजेश की यह ऐतिहासिक सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक छोटे भाई के अद्वितीय त्याग और पूरे परिवार के अटूट समर्पण की एक बेहद भावुक दास्तां भी है।
मजदूरी कर छोटे भाई ने उठाया पढ़ाई का खर्च, रंग लाया त्याग
गिरिजेश चौरसिया स्थानीय क्षेत्र के जयप्रकाश चौरसिया एवं बिंद्रावती देवी के सुपुत्र हैं। दो भाइयों और दो बहनों के परिवार में गिरिजेश सबसे बड़े हैं। इस सफलता का सबसे भावुक और प्रेरणादायी पहलू यह है कि परिवार की अत्यधिक आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनके छोटे भाई प्रदीप ने कभी बड़े भाई की पढ़ाई के आड़े तंगहाली को नहीं आने दिया। छोटे भाई प्रदीप ने स्वयं मेहनत-मजदूरी कर पैसे कमाए और उन्हीं पैसों से बड़े भाई की उच्च शिक्षा और कोचिंग आदि का पूरा खर्च उठाया। हर मुश्किल घड़ी में प्रदीप ने गिरिजेश का हौसला बनाए रखा और आज वही त्याग उत्तर प्रदेश में ‘टॉपर’ के रूप में पूरे परिवार और जिले के चेहरे पर गर्व की मुस्कान बनकर लौटा है।
डेटा एंट्री ऑपरेटर से PGT टॉपर तक का सफर (गिरिजेश का शैक्षणिक सफरनामा)
गिरिजेश की इस मंजिल तक पहुंचने की राह आसान नहीं थी। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में वर्ष 2016 में पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए एयरटेल कार्यालय में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में भी नौकरी की थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर टॉपर बनने तक का सफर कुछ इस प्रकार रहा है:
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट: प्रारंभिक शिक्षा आदर्श शिशु ज्ञान मंदिर, कड़ज़ा से प्राप्त कर वर्ष 2012 में हाईस्कूल और वर्ष 2014 में राष्ट्रीय इंटरमीडिएट कॉलेज, बाली (निचलौल) से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
स्नातक (Graduation): वर्ष 2017 में पंडित जवाहरलाल नेहरू पी.जी. कॉलेज, महराजगंज से भूगोल विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा व नेट-जेआरएफ: वर्ष 2019 में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में ही परास्नातक (M.A.) और वर्ष 2021 में बी.एड. (B.Ed.) किया। इसके बाद जून 2023 में उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए यूजीसी-नेट एवं जेआरएफ (UGC-NET/JRF) की कठिन परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
अब वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश PGT (लेक्चरर) परीक्षा में प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा पूरे राज्य में मनवा दिया है।
सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
गिरिजेश चौरसिया की यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश और प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए एक बेजोड़ मिसाल है, जो सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बीच बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी जीवंत संदेश देती है कि जब खुद की अथक मेहनत, परिवार का अटूट विश्वास और अपनों का त्याग एक साथ मिल जाए, तो दुनिया की कोई भी मंजिल असंभव नहीं रह जाती।
आज गिरिजेश की इस अभूतपूर्व सफलता पर न केवल उनके माता-पिता और भाई-बहन की आंखें खुशी से नम हैं, बल्कि पूरे महराजगंज जनपद के नागरिक और शिक्षा जगत से जुड़े लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बधाई देने वालों का उनके पैतृक आवास पर तांता लगा हुआ है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 13, 2026













