हापुड़
हापुड़ जनपद में मिलावटी, दूषित और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग द्वारा एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

हापुड़ जनपद में मिलावटी, दूषित और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग द्वारा एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत मसाला निर्माण इकाइयों (मसाला फैक्ट्रियों) का औचक निरीक्षण करते हुए धनिया और मिर्च पाउडर के नमूने सीज किए गए। वहीं, संदेहास्पद गुणवत्ता मिलने पर 15 किलोग्राम खुली कुटी लाल मिर्च को मौके पर ही सील कर दिया गया, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है।
एग्रो इंडस्ट्रीज से लिए गए धनिया-मिर्च के सैंपल
यह पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय चंद्र शेखर मिश्र के नेतृत्व में गठित सचल दल द्वारा अंजाम दी गई। टीम ने सबसे पहले गांव गोयना में संचालित ‘मैसर्स चोकडायत एग्रो इंडस्ट्रीज’ का सघन निरीक्षण किया। गहन जांच-पड़ताल के दौरान वहां तैयार किए जा रहे धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर के एक-एक नमूने निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत संग्रहित (कलेक्ट) किए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता और शुद्धता के सटीक परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है।
नवीन ट्रेडर्स पर पड़ा छापा, 15 किलो मिर्च जब्त
इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने फ्रीगंज रोड स्थित ‘नवीन ट्रेडर्स’ नामक मसाला निर्माण इकाई पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान टीम को यहाँ खुली कुटी लाल मिर्च के स्टॉक में भारी संदेहास्पद स्थिति और मिलावट की आशंका नजर आई। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिर्च का सैंपल लिया और 15 किलोग्राम खुली कुटी लाल मिर्च को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। आबकारी व खाद्य विभाग के अनुसार जब्त किए गए इस उत्पाद की अनुमानित कीमत करीब 3,750 रुपये आंकी गई है।
रिपोर्ट आने के बाद दर्ज होगा मुकदमा, होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि सभी एकत्रित नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि इन मसालों में किसी भी प्रकार की मिलावट, हानिकारक अशुद्धता अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI Rules) का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों और उनके स्वामियों के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम’ के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: सहायक आयुक्त
कार्रवाई के संबंध में सहायक आयुक्त (खाद्य) चंद्र शेखर मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा कि
आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से जनपद में मसाला, दूध, मिठाई, तेल और अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों की जांच के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल मानक के अनुरूप शुद्ध उत्पाद ही बाजार में बेचें। इस बड़े प्रवर्तन अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, विपिन कुमार सिंह, राम प्रकाश गंगवार तथा सोवेंद्र सिंह पंघाल मुख्य रूप से मुस्तैद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ बुधवार को सिसवा विधानसभा के तहसील निचलौल सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। pic.twitter.com/BqDFpiDB03
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 9, 2026












