लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी जनपद में खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद में खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। शासन के कड़े रुख के बाद जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में जिले भर में एक बड़ा खोजी अभियान चलाया गया, जिससे अवैध रूप से खाद खपाने वाले सिंडिकेट और दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
316 दुकानों का औचक निरीक्षण, 31 लाइसेंस रद्द
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के नेतृत्व में कृषि विभाग की विभिन्न टीमों ने जिले के 316 उर्वरक विक्रेताओं एवं निजी प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस औचक छापेमारी के दौरान जिन दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, ओवररेटिंग या अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, उन पर तत्काल एक्शन लिया गया। विभाग ने 52 फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि घोर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर अब तक 31 दुकानदारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जा चुके हैं।
किसानों के लिए बड़ी राहत: तय हुआ खाद का कोटा
खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत न हो, इसके लिए कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने खाद की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार
प्रति किसान को 7 बोरी यूरिया प्रति हेक्टेयर उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रति किसान को 5 बोरी डीएपी (DAP) प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दी जाएगी।
इस निर्धारित कोटे से खरीफ फसलों के सीजन में छोटे और सीमांत किसानों को समय से खाद मिल सकेगी और बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
दाम से ज्यादा न दें, रसीद अवश्य लें: कृषि अधिकारी की अपील
जिला कृषि अधिकारी ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले और खाद की कालाबाजारी (Black Marketing) करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने किसानों से भी जागरूक रहने की अपील की है कि:
वे सरकार द्वारा निर्धारित दर से एक भी रुपया अधिक दाम न दें।
खाद खरीदते समय दुकानदार से उसकी पक्की रसीद अवश्य लें।
यदि कोई भी दुकानदार निर्धारित दर से अधिक पैसे मांगता है या खाद देने में आनाकानी करता है, तो किसान सीधे कृषि विभाग के टोल फ्री नंबर पर अथवा जिला कृषि कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ बुधवार को सिसवा विधानसभा के तहसील निचलौल सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। pic.twitter.com/BqDFpiDB03
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 9, 2026












