सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रुख में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने उन सभी स्कूल वाहनों के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है,पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रुख में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने उन सभी स्कूल वाहनों के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिनकी फिटनेस प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है। जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी वाहन तत्काल परिवहन विभाग में प्रस्तुत कर फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर लें। ऐसा न करने पर वाहनों का चालान, सीज (निरुद्धीकरण) करने के साथ ही संबंधित विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विशेष अभियान के बाद भी नहीं चेते स्कूल प्रबंधक
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के परिवहन विभाग के निर्देशों पर जिले में बीती 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के विरुद्ध एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान कई ऐसे विद्यालय वाहन चिह्नित किए गए जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी थी या उनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने संबंधित विद्यालयों को कई बार नोटिस भेजे, फोन पर संपर्क किया और अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से विद्यालयों में जाकर भी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद कई स्कूल प्रबंधन अपने वाहनों की फिटनेस कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
पोर्टल के जरिए रखी जा रही है पैनी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल वाहनों की निगरानी अब तकनीकी माध्यमों से भी की जा रही है। ‘उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल’ पर जिले के सभी विद्यालय वाहनों का पूरा विवरण उपलब्ध है। इस पोर्टल की निगरानी जिला स्तर के साथ-साथ शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इन प्रयासों के बावजूद कई विद्यालयों के वाहन अभी भी बिना वैध फिटनेस के पोर्टल पर दर्ज हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय है।
अनफिट वाहन सड़क पर दिखे, तो सीधे होगी कानूनी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने जिले के सभी विद्यालय संचालकों और प्रबंधकों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देशित किया है कि वे अपने वाहनों के सभी अभिलेखों की जांच कर लें और जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उनका तत्काल नवीनीकरण कराएं।
उन्होंने कहा कि फिटनेस समाप्त होने के बाद वाहन के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट और आपातकालीन निकास द्वार जैसे सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच नहीं हो पाती, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। यदि अब कोई भी अनफिट वाहन बच्चों को ले जाते हुए सड़क पर संचालित मिला, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान और सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बच्चों की जान जोखिम में डालने के आरोप में संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी सीधे कानूनी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 25, 2026













