कठेला समयमाता
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की कठेला समयमाता थाना पुलिस ने महिला एवं बाल अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद की कठेला समयमाता थाना पुलिस ने महिला एवं बाल अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कड़े निर्देशन में अपराधियों और वांछितों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर इटहिया-बसहिया तिराहे के पास घेराबंदी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी के कुशल पर्यवेक्षण में कठेला समयमाता थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वांछित अपराधियों की तलाश में गश्त पर थी।
इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सटीक सूचना मिली कि सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी कहीं भागने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक ऋषिदेव प्रसाद की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इटहिया से बसहिया जाने वाले तिराहे के पास रणनीतिक घेराबंदी की और मौके से भागने का प्रयास कर रहे आरोपी को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजीत कुमार (पुत्र दुर्गा प्रसाद),निवासी ग्राम तौलिहवा, थाना कठेला समयमाता, जनपद सिद्धार्थनगर।
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की अत्यंत संगीन धाराओं में दर्ज है मुकदमा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजीत कुमार के खिलाफ कठेला समयमाता थाने में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का अत्यंत संगीन और अमानवीय मामला दर्ज था।
कानूनी कार्रवाई: आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर व सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act – यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस के चक्रव्यूह में फंस गया।
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के साथ उपनिरीक्षक ऋषिदेव प्रसाद और कांस्टेबल हरीकेश पासवान मुख्य रूप से शामिल रहे।
मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी अरुण कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि शासन और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार महिला सुरक्षा और बाल अपराधों से जुड़े मामलों में पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। ऐसे घिनौने अपराधों में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
बिजनौर: मामूली विवाद में कलयुगी छोटे भाई ने सो रहे बड़े भाई को सब्बल से उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार@Uppolice @bijnorpolice https://t.co/LSWf7tXk7A
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 25, 2026













