महराजगंज
महराजगंज जनपद के सदर विधानसभा क्षेत्र में आज शनिवार को मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सदर विधानसभा क्षेत्र में आज शनिवार को मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। एक तरफ जहाँ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया और पूरा इलाका दहल उठा, वहीं दूसरी तरफ लंबे इंतजार के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने अन्नदाताओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। इस बारिश के साथ ही ग्रामीण अंचलों में धान की रोपाई का काम पूरी तेजी के साथ शुरू हो गया है।
क्रासर: सोनरा गांव में तेज गर्जना के साथ पुराने पेड़ पर गिरी बिजली; सिसवनिया सहित कई गांवों में खेतों की ओर दौड़े किसान
सोनरा गांव में वज्रपात का कहर, बीच से दो हिस्सों में फटा पेड़
प्राप्त विवरण के अनुसार, सदर विकास खंड के ग्राम सोनरा में शुक्रवार की शाम करीब चार बजे प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। क्षेत्र में जारी मूसलाधार बारिश के बीच अचानक आसमान से तेज कड़कड़ाहट के साथ एक पुराने और विशालकाय आम के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज से पूरा गांव कांप उठा। बिजली की चपेट में आते ही वह मजबूत पेड़ बीच से चीरता हुआ दो हिस्सों में फट गया। गनीमत यह रही कि हादसे के समय मूसलाधार बारिश के कारण पेड़ के पास या उसके नीचे कोई ग्रामीण अथवा मवेशी (पशु) मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बाल-बाल बच गई। हालांकि, इस भयानक गर्जना के बाद काफी देर तक ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा।
सूख रहे खेतों को मिली ‘संजीवनी’, युद्धस्तर पर शुरू हुई धान की रोपाई
इस डरावने माहौल के बीच, शुक्रवार और शनिवार को हुई यह झमाझम वर्षा क्षेत्र के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही तीखी धूप और उमस के कारण खेतों की नमी गायब हो चुकी थी और धान की बेहन (पौध) सूखने के कगार पर थी, जिससे रोपाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा था।
दोपहर बाद जैसे ही बादलों ने डेरा डाला और मूसलाधार बारिश हुई, खेतों में पानी लबालब भर गया। पानी भरते ही सिसवनिया गांव सहित तमाम आस-पास के ग्रामीण इलाकों में किसान खुशी-खुशी अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े।
खेतों में लौटे अन्नदाता, बेहतर उत्पादन की जगी उम्मीद
सिसवनिया और बागापार क्षेत्र के खेतों में अब हर तरफ रौनक दिखाई दे रही है। महिला और पुरुष किसान टोलियां बनाकर पारंपरिक गीतों के बीच युद्धस्तर पर धान की पौध लगाने में जुट गए हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि सही समय पर हुई इस मानसूनी बारिश से धान की फसल को जबरदस्त लाभ मिलेगा। इससे न केवल पंपिंग सेट चलाकर पानी भरने के महंगे खर्च से मुक्ति मिली है, बल्कि भूमि का जलस्तर सुधरने से बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी जग गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल रहा, तो आने वाले दो-तीन दिनों में पूरे जिले में कृषि गतिविधियों की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
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