शोहरतगढ़
सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ तहसील के तुलसियापुर चौराहे पर निर्माणाधीन आधुनिक मछली मंडी का मुख्य स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की मौत और कई लोगों के घायल होने की हृदयविदारक घटना पर अब राजनीति गरमा गई है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ तहसील के तुलसियापुर चौराहे पर निर्माणाधीन आधुनिक मछली मंडी का मुख्य स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की मौत और कई लोगों के घायल होने की हृदयविदारक घटना पर अब राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने इस हादसे पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए सीधे तौर पर इसे भ्रष्टाचार का नतीजा बताया है। सपा नेता ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को आड़े हाथों लेते हुए लापरवाह कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
पीएम मत्स्य संपदा योजना में भ्रष्टाचार: जिले को शर्मसार करने वाली घटना
सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने मामले की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शोहरतगढ़ क्षेत्र की मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय पहचान है। तत्कालीन जिलाधिकारी राजा गणपति के कार्यकाल में भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत ‘पंगेशियस क्लस्टर’ के अंतर्गत सिद्धार्थनगर के इस मत्स्य पालन कार्यक्रम को अधिसूचित किया गया था। इसी योजना के तहत मंडी समिति द्वारा ग्राम पंचायत मदरहिया के पास करोड़ों की लागत से इस मछली मंडी का व्यावसायिक मार्केट और स्वागत द्वार बनाया जा रहा था।
मणेन्द्र मिश्रा ने कड़े शब्दों में कहा, प्रधानमंत्री के नाम से जुड़ी इतनी बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार का यह खूनी खेल बेहद शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के कारण स्वागत द्वार का भरभराकर गिरना पूरे जिले को शर्मसार करने वाली घटना है।
मानक के विपरीत हो रहा था काम, मजदूरों की सुरक्षा भगवान भरोसे
सपा उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उक्त निर्माण स्थल पर पिछले कई महीनों से खुलेआम तय मानकों के विपरीत और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर काम कराया जा रहा था। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि कार्य स्थल पर काम करने वाले गरीब मजदूरों की जान की सुरक्षा के लिए ठेकेदार या फर्म द्वारा कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी घोर प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही के कारण एक मासूम मजदूर की अकाल मृत्यु हो गई और कई घर उजाड़ होने की कगार पर आ गए।
सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा की प्रशासन से 3 प्रमुख मांगें
समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवारों के पक्ष में खड़े होते हुए मणेन्द्र मिश्रा ने जिला प्रशासन के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखी हैं।
₹20 लाख की क्षतिपूर्ति: हादसे में जान गंवाने वाले मृतक मजदूर के आश्रित परिजनों को तत्काल ₹20 लाख की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
घायलों का मुफ्त इलाज व भत्ता: मलबे में दबे सभी घायल मजदूरों का बेहतरीन इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए और उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक परिवार को समुचित गुजारा भत्ता दिया जाए।
फर्म को ब्लैकलिस्ट और जेल: मंडी समिति के इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही निर्माण एजेंसी/फर्म को तुरंत ब्लैकलिस्ट (काली सूची में दर्ज) किया जाए और ठेकेदार व संबंधित इंजीनियरों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
समाजवादी पार्टी इस दुःख की घड़ी में मृतक के परिजनों और जिंदगी की जंग लड़ रहे घायलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। इस घोटाले और लापरवाही में जो भी बड़े अधिकारी या सफेदपोश शामिल हैं, उन्हें बेनकाब किया जाए। भ्रष्टाचार के इस खेल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 3, 2026





















