अनूपशहर: एडीजे विनीत चौधरी और सिविल जज मयंक सिंह को दी गई भावभीनी विदाई, वकीलों ने बताया गोल्डन पीरियड

अनूपशहर

बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर बार सभागार में बुधवार को एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) विनीत चौधरी और सिविल जज मयंक सिंह को उनके कार्यकाल की समाप्ति पर भावपूर्ण विदाई दी गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर बार सभागार में बुधवार को एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) विनीत चौधरी और सिविल जज मयंक सिंह को उनके कार्यकाल की समाप्ति पर भावपूर्ण विदाई दी गई। इस दौरान पूरा बार सभागार अधिवक्ताओं की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और माहौल काफी भावुक नजर आया।

समारोह को संबोधित करते हुए एडीजे विनीत चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “जज की कुर्सी केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का कांटों भरा ताज है। मेरे कार्यकाल के दौरान मेरी सदैव यह कोशिश रही कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी यह महसूस हो कि कानून उसके साथ न्याय कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि वकील और जज एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों का साझा लक्ष्य न्याय सुनिश्चित करना है।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जुगेंद्र सेजवार और सचिव अमित शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों न्यायाधीशों का कार्यकाल अनूपशहर न्यायालय के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ (स्वर्ण काल) की तरह रहा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनके धैर्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी कोर्ट रूम में डर का माहौल नहीं बनने दिया और घंटों लंबी चलने वाली कानूनी बहसों को भी हमेशा शांत चित्त होकर सुना।

समारोह के समापन पर बार एसोसिएशन द्वारा दोनों न्यायमूर्तियों को स्मृति चिन्ह और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि विदाई केवल पद की होती है, आत्मीय रिश्तों की नहीं। समारोह के बाद उन्हें पूरे सम्मान के साथ न्यायालय परिसर तक छोड़ा गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता रतेंद्र चौधरी, जावेद अख्तर, दीपेंद्र राघव, प्रमोद राजौरा, आकिब गाजी, भूपेंद्र सिंह वालियान, सुरेश सिंह चौहान, केपी शर्मा, दिनेश शर्मा, मनोज चौहान, बलजीत सिंह सिसौदिया, दीपु गोयल समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता और न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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