निघासन: अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट, न्याय के बजाय पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन थाना क्षेत्र अंतर्गत लुधौरी गांव से खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन थाना क्षेत्र अंतर्गत लुधौरी गांव से खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक अनुसूचित जाति की महिला, अन्नु ने आरोप लगाया है कि रमजान नाम के व्यक्ति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जातिसूचक गालियों का प्रयोग किया। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता को न्याय देने के बजाय पुलिस पर ही उसे प्रताड़ित करने और मामले को दबाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

नोटरी बयान में महिला का दर्द

पीड़िता अन्नु ने 10 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत बयान जारी कर घटना की जानकारी दी है। महिला के अनुसार, आरोपी रमजान ने उसे लात-घूंसों से पीटा और सरेआम अपमानित किया। महिला का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर पहुँची, तो पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा महिला पर ही दबाव बनाया और उसका धारा 151 (शांति भंग) में चालान कर दिया।

क्या है 151 की कार्रवाई पर विवाद?

कानूनी तौर पर धारा 151 का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति से शांति भंग होने की आशंका हो। ग्रामीणों और भारतीय जनशक्ति मंच के कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि मारपीट की शिकार पीड़ित महिला का ही चालान कैसे कर दिया गया, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामला रफा-दफा करने की कोशिश की है।

इंसाफ की मांग और पुलिस की चुप्पी

इस संवेदनशील मामले में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि महिला को न्याय नहीं मिला और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, क्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

 

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