जौनपुर: TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, कानून रद्द करने की दी चेतावनी

जौनपुर

जौनपुर जनपद के शिक्षा जगत में बढ़ते असंतोष के बीच, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले जौनपुर के हजारों शिक्षकों ने TET शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के शिक्षा जगत में बढ़ते असंतोष के बीच, अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले जौनपुर के हजारों शिक्षकों ने TET शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। शिक्षकों ने बीआरपी इंटर कॉलेज से कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

‘नो टेट’ के नारों से गूंजा शहर

हाथों में मशालें और ‘नो टेट’ व ‘आरटीई एक्ट वापस लो’ की तख्तियां लिए शिक्षक नेताओं ने इस कानून को असंवैधानिक करार दिया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह मुन्ना और जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में निकले इस जुलूस में अटेवा, यूटा और विशिष्ट बीटीसी संघ समेत कई शिक्षक संगठनों ने एकजुटता दिखाई।

प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद, शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

संसदीय हस्तक्षेप: केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में विधेयक लाकर पूरे देश के शिक्षकों को TET की बाध्यता से मुक्ति दिलाए।

मानवीय न्याय: शिक्षकों का तर्क है कि 25 लाख कार्यरत शिक्षकों पर इस नियम को लागू करना नैसर्गिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

सेवा सुरक्षा: वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम

शिक्षक नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस कानून को रद्द नहीं किया, तो यह चिंगारी दिल्ली और लखनऊ की सड़कों पर एक बड़े जनांदोलन का रूप लेगी। इस दौरान भारी संख्या में महिला शिक्षिकाएं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Voice Of News 24