लोकसभा में गूँजी सिद्धार्थनगर की मांग: सांसद जगदंबिका पाल ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन केंद्र स्थापना की उठाई आवाज

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद डुमरियागंज के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लोकसभा के शून्यकाल के दौरान सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर स्थापित करने हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय उठाया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जनपद डुमरियागंज के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लोकसभा के शून्यकाल के दौरान सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर स्थापित करने हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर में एक केन्द्रित बौद्ध अध्ययन केंद्र की स्थापना के लिए विशेष वित्तीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।

सदन को संबोधित करते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि सिद्धार्थनगर का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली रहा है, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के प्रारंभिक 29 वर्ष प्राचीन कपिलवस्तु में व्यतीत किए थे। पिपरहवा में प्राप्त पुरातात्विक अवशेष इस क्षेत्र को वैश्विक बौद्ध अध्ययन और सांस्कृतिक संवाद का एक स्वाभाविक केंद्र बनाते हैं। उन्होंने लेह के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ बौद्ध स्टडीज और नालंदा के नवा नालंदा महाविहार का उदाहरण देते हुए आग्रह किया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भी इसी तर्ज पर एक प्रतिष्ठित संस्थान विकसित किया जाए।

सांसद पाल ने सुझाव दिया कि इस केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए श्रीलंका, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, जापान और मंगोलिया जैसे देशों के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक समझौता ज्ञापन स्थापित किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक पहचान को नई प्रतिष्ठा देगी, बल्कि भारत की बौद्ध सांस्कृतिक कूटनीति को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगी। इस केंद्र से बौद्ध इतिहास, दर्शन, पुरातत्व और आधुनिक कूटनीति के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा मिलेगा।

Voice Of News 24 

 

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.