जौनपुर

जौनपुर बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने श्रीराम-वनवास और केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने श्रीराम-वनवास और केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के नेतृत्व में आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक प्रसंगों का वर्णन नहीं, बल्कि वचन की मर्यादा और त्याग का संदेश देती है।
कैकेयी के वरदान और वनवास का प्रसंग
आचार्य शांतनु महाराज ने कथा के दौरान कैकेयी-मंथरा संवाद का जिक्र करते हुए बताया कि मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने कोपभवन में राजा दशरथ से भरत के लिए राजसिंहासन और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। पिता के दिए वचनों की मर्यादा की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम ने बिना किसी विरोध के राजसी सुखों का त्याग कर वनवास स्वीकार किया। इस दौरान माता सीता और लक्ष्मण ने भी उनके साथ वन जाने का संकल्प लिया।
केवट की अनूठी भक्ति
कथा के अगले क्रम में गंगा तट पर भगवान श्रीराम और केवट के संवाद का सुंदर चित्रण किया गया। केवट ने प्रभु के चरण धोने के बाद ही उन्हें नाव पर बिठाया। आचार्य ने कहा कि केवट की यह भक्ति संदेश देती है कि ईश्वर के दरबार में धन-दौलत नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण का महत्व होता है।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, विधायक सुशील सिंह, पूर्व विधायक डॉ. हरेंद्र देव सिंह, ब्लॉक प्रमुख वंशराज सिंह और विधायक अवधेश सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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