महराजगंज: “गांधी की जरूरत आज पहले से अधिक” डॉ. शांतिशरण मिश्र

महराजगंज

महराजगंज 2 अक्टूबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि आत्ममंथन का दिन है। यह विचार डॉ. शांतिशरण मिश्र ने गांधी जयंती पर व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांधी के विचार केवल तस्वीरों तक सीमित न रहकर हमारे व्यवहार का हिस्सा बनने चाहिए।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज 2 अक्टूबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि आत्ममंथन का दिन है। यह विचार डॉ. शांतिशरण मिश्र ने गांधी जयंती पर व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांधी के विचार केवल तस्वीरों तक सीमित न रहकर हमारे व्यवहार का हिस्सा बनने चाहिए।

महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता का अर्थ केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान, गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और भेदभाव कम करना बताया था। आज जब देश डिजिटल तकनीक और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब यह देखना आवश्यक है कि विकास का लाभ समाज के गरीब, किसान, श्रमिक और कमजोर वर्ग तक पहुंच रहा है या नहीं।

लेख में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि गांधी का स्वराज आत्मअनुशासन और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने का संदेश देता है। सोशल मीडिया के इस दौर में सत्य और संवाद की संस्कृति बनाए रखना बड़ी चुनौती है। आज के युवाओं को रोजगार और तकनीक के साथ-साथ चरित्र, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के पथ पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है, तभी एक सशक्त और नैतिक भारत का निर्माण संभव है।

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