बलिया
बलिया जनपद में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) के निस्तारण में बरती जा रही घोर लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) के निस्तारण में बरती जा रही घोर लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों की ढीली कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताते हुए 22 विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने का बड़ा आदेश जारी किया है।
समीक्षा बैठक के दौरान 01 जुलाई से 27 जुलाई तक शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक का परीक्षण किया गया। इसमें कई विभागों द्वारा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक न लेने तथा पोर्टल पर निस्तारण से संबंधित फोटोग्राफ एवं विस्तृत आख्या अपलोड न करने जैसी गंभीर कमियां पाई गईं।
इसके अलावा, कुछ मामलों में यह भी देखा गया कि एल-1 अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना ही एल-2 अधिकारी ने आख्या पर साइन कर दिए थे। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में पूछा कि “एल-1 के हस्ताक्षर के बिना एल-2 ने किसकी अनुमति से हस्ताक्षर किए?” और संबंधित दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया।
बैठक से गैरहाजिर अफसरों पर गिरी गाज
आईजीआरएस की महत्वपूर्ण बैठक से बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले चकबंदी अधिकारी एवं अपर चकबंदी अधिकारी के खिलाफ भी जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से वेतन रोकने के आदेश जारी किए।गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर न होकर धरातल पर होना चाहिए।
अनिवार्य प्रक्रिया: प्रत्येक शिकायत के समाधान के बाद फरियादी से फीडबैक लेना, फोटोग्राफ अपलोड करना और विस्तृत निस्तारण आख्या लगाना अनिवार्य होगा।
एल-1 के हस्ताक्षर जरूरी: पोर्टल पर निस्तारण आख्या केवल सक्षम एल-1 अधिकारी के हस्ताक्षरित होने के बाद ही अपलोड की जाएगी।
जिलाधिकारी की चेतावनी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि आईजीआरएस प्रकरणों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार न करने वाले अधिकारियों पर आगे और भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय सहित जिले के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बुलंदशहर जनपद के छतारी क्षेत्र के ग्राम लालगढ़ी में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना मगरमच्छ आखिरकार वन विभाग के बिछाए जाल में फंस गया। सोमवार रात वन विभाग की टीम द्वारा लगाए गए बड़े पिंजरे में मगरमच्छ के कैद होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। pic.twitter.com/b3sE9VR6FG
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 28, 2026












