कठेला शर्की
सिद्धार्थनगर जनपद में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के तत्वावधान में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार जागरूकता अभियान के अंतर्गत मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के तत्वावधान में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार जागरूकता अभियान के अंतर्गत मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कठेला शर्की के पंचायत भवन में आयोजित इस प्रशिक्षण में इटवा और बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र की पीयर एजुकेटर्स ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को बाल अधिकारों के प्रति सजग बनाकर उन्हें अपने-अपने समुदायों में जागरूकता फैलाने के लिए सक्षम और सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान एमआईएस अभिषेक मिश्रा ने बाल अधिकारों की मूलभूत अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का जन्मसिद्ध अधिकार प्राप्त है। इन अधिकारों की रक्षा करना और बच्चों को एक सुरक्षित माहौल देना समाज के हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
बाल विवाह व बाल श्रम जैसी कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
जिला सलाहकार (श्रम विभाग) जय प्रकाश गुप्ता ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण, बाल तस्करी और लैंगिक भेदभाव जैसे गंभीर मुद्दों पर कानूनी व व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देते हैं, जिसके उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने किशोरियों को आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 के इस्तेमाल की विस्तृत प्रक्रिया भी समझाई।
थाना विजिट और मिशन शक्ति की मिली व्यावहारिक जानकारी
फील्ड कोऑर्डिनेटर अशोक विश्वकर्मा, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर काजल श्रीवास्तव और विजय शंकर यादव ने समूह चर्चा और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चियों को व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षित किया।
प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्यक्रम के अंत में
सभी प्रतिभागी किशोरियों को बाल अधिकारों पर आधारित ‘बढ़ते बच्चे’ शॉर्ट मूवी दिखाई गई।
सभी पीयर एजुकेटर्स को थाना कठेला का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें यूपी सरकार के ‘मिशन शक्ति’ कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, साइबर सेल और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली की जमीनी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागी किशोरियों ने अपने-अपने गांवों में बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ अलख जगाने और बाल संरक्षण को मजबूत करने का दृढ़ संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026













