बागापार
महराजगंज जनपद के पकड़ी रेंज अंतर्गत कटहरा टोला रामनगर में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आदमखोर तेंदुए ने गांव में दस्तक दे दी।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के पकड़ी रेंज अंतर्गत कटहरा टोला रामनगर में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आदमखोर तेंदुए ने गांव में दस्तक दे दी। सुबह करीब 11:00 बजे एक मुर्गी फार्म के समीप बैठे तेंदुए ने एक ग्रामीण पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घंटों रेस्क्यू अभियान चलाकर पटाखे फोड़े और तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।
भीड़ देखकर भागा, आधे घंटे बाद लौटकर किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह कटहरा टोला रामनगर स्थित एक मुर्गी फार्म में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को बैठा देखा। वन्यजीव को आबादी के करीब देख मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। फार्म संचालक जितेंद्र सिंह तत्काल इसकी सूचना देने कटहरा वन चौकी भागे।
इस बीच ग्रामीणों को लगा कि भीड़ और शोरगुल देखकर तेंदुआ स्वतः ही पास के जंगल में लौट गया है। लेकिन करीब आधे घंटे बाद तेंदुए ने दोबारा उसी स्थान पर दस्तक दी और वहां मौजूद गांव निवासी संतलाल पर अचानक झपट पड़ा। तेंदुए के इस हमले में संतलाल का एक हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। ग्रामीणों द्वारा लाठी-डंडे लेकर शोर मचाने पर तेंदुआ शिकार छोड़ झाड़ियों की तरफ भाग निकला। परिजनों ने आनन-फानन में लहूलुहान संतलाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।
झाड़ियों में छिपे होने की आशंका, पटाखे फोड़कर खदेड़ा
तेंदुए के हमले और गांव में उसकी मौजूदगी की खबर मिलते ही पकड़ी रेंज की वन विभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। तेंदुए के घने जंगलों या खेतों की झाड़ियों में छिपे होने की आशंका को देखते हुए वनकर्मियों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया। वन्यजीव को आबादी से दूर भगाने के लिए वन टीम द्वारा कई राउंड पटाखे फोड़े गए, जिसके बाद तेंदुए के वापस सोहागीबरवा वन्यजीव प्रभाग के घने जंगलों की ओर जाने का दावा किया जा रहा है।
दो दिनों से बार-बार लौटने का दावा, खौफ में ग्रामीण
भले ही वन विभाग ने तेंदुए को खदेड़ने का दावा किया हो, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ पिछले दो दिनों से लगातार इस रिहायशी इलाके के आस-पास मंडरा रहा है। जंगल से सटे इस गांव में हमले के बाद से खौफ का सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने डर के मारे छोटे बच्चों को घरों में कैद कर दिया है और खेतों व मुर्गी फार्मों की तरफ अकेले जाना पूरी तरह बंद कर दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक तेंदुए को पिंजरा लगाकर सुरक्षित पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक क्षेत्र पर खतरा मंडराता रहेगा।
निरंजन सुर्वे, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), महराजगंज
कटहरा टोला रामनगर क्षेत्र में तेंदुए की आमद और हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर सक्रिय कर दिया गया है। हमारी टीम लगातार प्रभावित इलाके में कॉम्बिंग और निगरानी कर रही है। ग्रामीणों से अपील है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और किसी भी स्थिति में वन्यजीव को घेरने या उसके पास जाने का प्रयास न करें। हमारी प्राथमिकता स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वन्यजीव को सुरक्षित जंगल की ओर भेजना है।
महराजगंज के सीमावर्ती कस्बा ठूठीबारी में एक वीडियो के वायरल होते ही सनसनी फैल गई। ठूठीबारी व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश कुमार रौनियर ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या की चेतावनी वाला वीडियो जारी कर दिया। @Uppolice @maharajganjpol pic.twitter.com/ImxcGlHNiH
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 11, 2026













