बुलंदशहर: ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुटनों तक भरा पानी, मरीज, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं बेहाल, प्रशासन मौन

ऊंचागांव

बुलंदशहर जनपद के विकास खंड ऊंचागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के विकास खंड ऊंचागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। अस्पताल परिसर में भारी जलभराव के कारण इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहद नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग माताओं, गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों को हो रही है, जिन्हें भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

हाथ में चप्पल लेकर इलाज कराने को मजबूर हैं लोग

अस्पताल परिसर इस समय किसी तालाब में तब्दील हो चुका है। मजबूरी में लोग अपने हाथों में चप्पल-जूते पकड़कर, इस गंदे पानी के बीच से रास्ता बनाते हुए अस्पताल के भीतर जाने को विवश हैं। संक्रमण के इस दौर में अस्पताल परिसर का ऐसा नजारा खुद बीमारियों को दावत देता नजर आ रहा है।

किसान नेता प्रदीप सिंह गौड़ ने उठाए सवाल, प्रशासन बेखबर

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के वरिष्ठ किसान नेता प्रदीप सिंह गौड़ ने इस बदहाली को उजागर करते हुए पत्रकारों को मौके की तस्वीरें और वीडियो जारी की हैं। उन्होंने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा

जलभराव की इस गंभीर समस्या की वजह से मरीज समय पर दवा तक नहीं ले पा रहे हैं। बेहद शर्मनाक बात है कि जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय कर्मचारी इस बड़ी समस्या से पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं। अब तक किसी ने भी जलनिकासी या साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की है।

डीएम और सीएमओ से तुरंत दखल देने की मांग

किसान नेता प्रदीप सिंह गौड़ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बुलंदशहर और जिलाधिकारी से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों को कड़े निर्देश देकर तुरंत परिसर से पानी निकलवाया जाए, ताकि अस्पताल आने वाले जरूरतमंद मरीजों को राहत मिल सके और स्वास्थ्य केंद्र सुगम बन सके।

 

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