निचलौल
महाराजगंज जनपद के विकास खंड निचलौल की ग्राम पंचायत सेरौली एवं परागपुर में ‘विकसित भारत जीरामजी योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता को लेकर एक भव्य जन सम्मेलन का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महाराजगंज जनपद के विकास खंड निचलौल की ग्राम पंचायत सेरौली एवं परागपुर में ‘विकसित भारत जीरामजी योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता को लेकर एक भव्य जन सम्मेलन का आयोजन किया गया। 2 जुलाई को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में योजना का आधिकारिक और भव्य शुभारंभ किया गया।
सम्मेलन में जुटे कई दिग्गज और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सूर्यवंशी, ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम सचिव श्री सोनू यादव, सिरौली के ग्राम प्रधान रमेश लाल श्रीवास्तव और परागपुर के ग्राम प्रधान बैजनाथ गुप्ता मौजूद रहे।
इसके साथ ही श्री मनोज प्रजापति, अब्दुल्ला, राजीव रामचंद्रन, आशीष वरुण, तकनीकी सहायक वीरेंद्र कुमार, केशव त्रिपाठी, तकनीकी सहायक संदेश भारती, राहुल पांडे, रवि कुमार, राजेश सिंह, त्रिपुरेश तिवारी सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीण जनता उपस्थित रही।
मजदूरी और रोजगार के दिनों में हुई भारी बढ़ोतरी
जन सम्मेलन के दौरान ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजना के उद्देश्यों और इससे मिलने वाले सीधे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में योजना की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए बताया गया कि:
दैनिक मजदूरी में वृद्धि: योजना के अंतर्गत अब श्रमिकों की दैनिक मजदूरी को ₹252 से बढ़ाकर सीधे ₹300 कर दिया गया है।
रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी: पूर्व में मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
बेरोजगारी भत्ता: पात्र श्रमिकों को नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता भी उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है।
स्थायी संपत्तियों का सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने के साथ-साथ टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे (परिसंपत्तियों) के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विकसित भारत-2047 के संकल्प को करेंगे साकार
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी श्री शिवेंद्र प्रताप सूर्यवंशी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना का मकसद सिर्फ रोजगार देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और आजीविका के नए रास्ते खोलना है। जनभागीदारी के माध्यम से ही हम ‘विकसित भारत–2047’ के सपने को सच कर सकते हैं।
उन्होंने सभी ग्रामीणों से इस दूरगामी योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने और विकास कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम का समापन ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा योजना के प्रति पूर्ण उत्साह और सहयोग के संकल्प के साथ हुआ।
#महराजगंज जनपद के निचलौल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढेसो पुल के पास तेंदुए के हमले की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। रास्ते से गुजर रहे एक वृद्ध पर तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ के कारण वृद्ध की जान बच pic.twitter.com/DTSvpj7b2x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 1, 2026












