सेऊपुर में 1.72 करोड़ की लागत से बनी पानी टंकी सफेद हाथी साबित, दो साल से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

औरैया

औरैया उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल योजना’ औरैया के अछल्दा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सेऊपुर में पूरी तरह परवान चढ़ती नहीं दिख रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

औरैया उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल योजना’ औरैया के अछल्दा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सेऊपुर में पूरी तरह परवान चढ़ती नहीं दिख रही है। गांव में करीब 1 करोड़ 72 लाख 81 हजार रुपये की भारी-भरकम लागत से बनी पानी की टंकी पिछले दो वर्षों से सफेद हाथी साबित हो रही है। दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आज तक ग्रामीणों के घरों तक सरकारी पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच सकी है, जिससे ग्रामीण पानी की किल्लत से बुरी तरह जूझ रहे हैं।

पाइपलाइन और टोटियां लगीं, पर पानी नदारद

परियोजना के नियमानुसार, इसका निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा कर घर-घर पेयजल आपूर्ति शुरू की जानी थी। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों और दिखावे के लिए पूरे गांव में पाइपलाइन बिछा दी गई है और घरों के बाहर पानी की टोटियां (नल) भी लगा दी गई हैं। इसके बावजूद, पिछले दो सालों से इन टोटियों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीण आज भी पुराने हैंडपंपों और दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं।

घटिया निर्माण की खुली पोल, गलियों में बहता है पानी

गांव के निवासी भूरे सिंह, अशोक सिंह, रिंकू, रजत और पप्पू रामपाल ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कभी-कभी पानी की टंकी का ऑपरेटर सीधे समरसेबुल चलाकर पाइपलाइन में पानी छोड़ देता है। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा किए गए घटिया निर्माण के कारण जर्जर पाइपलाइन जगह-जगह से फटी हुई है। पाइप लीक होने की वजह से पानी लोगों के घरों तक पहुंचने के बजाय सीधे गलियों और रास्तों में बह जाता है, जिससे गांव में जलभराव और कीचड़ की समस्या पैदा हो जाती है और अमूल्य पानी भी बर्बाद होता है।

अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

एक तरफ जहां ग्रामीण बता रहे हैं कि टंकी का निर्माण दो साल पहले ही पूरा हो चुका है और पाइपलाइन भी बिछ चुकी है, वहीं दूसरी तरफ जल निगम के अधिशासी अभियंता अमन कुमार का कहना है कि टंकी का कार्य अभी निर्माणाधीन (अधूरा) है और निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद ही इसे सुचारू रूप से चालू कराया जाएगा।

विभागीय लापरवाही और अधिकारियों के इस टालमटोल वाले रवैये से परेशान होकर सेऊपुर के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) औरैया से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जल्द से जल्द सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार और उदासीनता के कारण सरकार की करोड़ों रुपये की यह योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है।

 

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